Samachar Post रिपोर्टर,चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर मानवाधिकार कार्यकर्ता बैरम खान ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के अपर मुख्य सचिव, निदेशक समेत अन्य वरीय अधिकारियों को ईमेल के माध्यम से विस्तृत ज्ञापन भेजा है। बैरम खान के मुताबिक, पिछले कई महीनों से जिले के शिक्षकों, सेवानिवृत्त शिक्षकों, निजी विद्यालय संचालकों, अभिभावकों और आम लोगों की ओर से जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। इन शिकायतों और संबंधित तथ्यों की जानकारी जुटाने के लिए सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत कई आवेदन भी किए गए हैं।
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RTI के जरिए जुटाई जा रही जानकारी
बैरम खान ने बताया कि कुछ RTI आवेदनों के जवाब मिल चुके हैं, जबकि कई महत्वपूर्ण सूचनाओं का इंतजार है। प्राप्त दस्तावेजों का अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि दस्तावेजों की जांच में किसी तरह की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों के समक्ष इसकी शिकायत की जाएगी।

निजी स्कूलों की शिकायतों की समीक्षा की मांग
ज्ञापन में वर्ष 2021 से अब तक निजी विद्यालयों से जुड़ी शिकायतों और उन पर की गई कार्रवाई की समीक्षा कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही शिक्षकों और सेवानिवृत्त शिक्षकों की लंबित समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान करने का भी अनुरोध किया गया है। बैरम खान ने जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय के प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों की भी जांच कराने की मांग रखी है।
प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों की जांच की मांग
बैरम खान का कहना है कि शिक्षा विभाग का सीधा संबंध बच्चों और समाज के भविष्य से है। ऐसे में विभागीय कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार शिकायतें सामने आने पर उनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने सरकार से मामले की उच्च स्तरीय और पारदर्शी जांच कराने तथा यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो नियमानुसार उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

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