झारखंड के तीन कलाकारों को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित

Rupa Kumari | August 13, 2026 | 03:11 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने वाले कलाकारों को सम्मानित करने के लिए आयोजित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार समारोह में झारखंड के तीन कलाकारों को प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कलाकारों को पुरस्कार प्रदान किए। झारखंड के सरायकेला निवासी छऊ मुखौटा शिल्पकार गुरु सुशांत कुमार महापात्र को छऊ और पारंपरिक मुखौटा शिल्प के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वहीं रांची जिले के बुंडू क्षेत्र की सगी बहनें बुटन देवी और सोमवारी देवी को पारंपरिक नचनी नृत्य परंपरा को संरक्षित और जीवित रखने के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्रदान किया गया।

115 कलाकारों को मिला राष्ट्रीय सम्मान

वर्ष 2024 और 2025 के लिए आयोजित विशेष अलंकरण समारोह में देशभर के कुल 115 कलाकारों को संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप और पुरस्कार दिए गए। विभिन्न कला विधाओं में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को इस अवसर पर सम्मानित किया गया। झारखंड के कलाकारों को मिला यह सम्मान राज्य की लोक कला, जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक कलाओं की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पहचान का प्रतीक माना जा रहा है।

गुरुओं को समर्पित किया सम्मान

पुरस्कार प्राप्त करने के बाद गुरु सुशांत कुमार महापात्र ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने गुरुओं को दिया। उन्होंने कहा कि सरायकेला की पारंपरिक छऊ मुखौटा कला को संरक्षित और आगे बढ़ाना उनके जीवन का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों तक इस विरासत को पहुंचाने के लिए वे लगातार कार्य करते रहेंगे। उनके सम्मान से सरायकेला की विश्वप्रसिद्ध छऊ कला और मुखौटा शिल्प को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिली है।

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झारखंड की लोक संस्कृति को मिला गौरव

बुटन देवी और सोमवारी देवी को मिला सम्मान भी झारखंड की पारंपरिक नचनी नृत्य परंपरा के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। दोनों कलाकार लंबे समय से इस लोकनृत्य शैली के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में सक्रिय हैं। संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार के जरिए झारखंड की लोक एवं पारंपरिक कलाओं को राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान राज्य के कलाकारों और सांस्कृतिक जगत के लिए गौरव का विषय है।

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