Samachar Post रिपोर्टर, सिमडेगा : झारखंड के सिमडेगा जिले से विकास कार्यों की जमीनी हकीकत को उजागर करने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। केरसई प्रखंड की टैंसेर पूर्वी पंचायत स्थित मुंडगुड़ाईह गांव में सड़क और पुलिया के अभाव के कारण एक ग्रामीण की जान चली गई। वहीं हादसे के बाद ग्रामीणों को शव को खाट पर रखकर कई किलोमीटर तक दुर्गम रास्तों से ढोना पड़ा।
नाला पार करते समय हादसे का शिकार हुए बिरसिंग सुरिन
जानकारी के अनुसार, मुंडगुड़ाईह गांव निवासी 42 वर्षीय बिरसिंग सुरिन डुंगडुंगा अपने एक रिश्तेदार के घर से लौट रहे थे। लगातार हो रही बारिश के कारण तेलगा नाला उफान पर था और पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा था। इसी दौरान नाला पार करते समय उनका पैर फिसल गया और वे तेज बहाव में बह गए। शाम तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद शुक्रवार को उनका शव नाले से बरामद किया गया।
सड़क और पुलिया नहीं होने से बढ़ी परेशानी
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं होने और तेलगा नाला पर पुलिया के अभाव में एंबुलेंस घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकी। ऐसे में ग्रामीणों को शव को खाट पर रखकर कंधों पर उठाना पड़ा। ग्रामीण उफनते नाले, कीचड़ भरे रास्तों और ऊबड़-खाबड़ पगडंडियों से होते हुए शव को मुख्य सड़क तक लेकर पहुंचे। वहां से शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया।

ग्रामीणों ने उठाई पुलिया और सड़क निर्माण की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों में नाराजगी देखी गई। लोगों ने प्रशासन से तेलगा नाला पर पुलिया निर्माण और गांव तक पक्की सड़क उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई होतीं, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। यह घटना एक बार फिर दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में आधारभूत सुविधाओं की कमी और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को सामने लाती है।
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विकास के दावों पर उठे सवाल
एक ओर सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और संपर्क व्यवस्था मजबूत करने के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर सिमडेगा के इस गांव की तस्वीरें बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर कर रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में गांव का संपर्क लगभग कट जाता है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

