विधायक पुत्र से कथित मारपीट मामले में BJYM मंडल अध्यक्ष समेत 9 नामजद, विधानसभा थाने में FIR

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : चतरा से लोजपा (रामविलास) विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ कुमार से कथित मारपीट के मामले में विधानसभा थाने में 9 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत सौरभ कुमार की ओर से दी गई है। नामजद आरोपियों में यूनिवर्सिटी छात्र लक्की राज के अलावा आयुष मिश्रा, प्रकाश कुमार, रौनक सिंह, प्रीतम सिंह, राहुल बनिया, बाबू साहेब आयुष, शौर्य राज और रोहित सिंह उर्फ तोता शामिल हैं। शिकायत में कुछ अज्ञात लोगों का भी उल्लेख किया गया है। नामजद आरोपियों में रौनक सिंह के भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के मंडल अध्यक्ष होने की बात भी सामने आई है। इसी वजह से यह मामला राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा में आ गया है।

7 सितंबर की देर शाम की घटना

मामला 7 सितंबर की देर शाम का बताया जा रहा है। उस समय यह सूचना सामने आई थी कि विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ कुमार को एमिटी यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट के पास से स्कॉर्पियो सवार युवकों ने कथित तौर पर अगवा कर लिया है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और करीब एक घंटे के भीतर सौरभ कुमार समेत कथित रूप से शामिल युवकों को थाने लाया गया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद अपहरण की घटना से इनकार किया था और इसे आपसी विवाद और मारपीट का मामला बताया था। पुलिस के मुताबिक घटना के समय सौरभ कुमार नशे की हालत में थे।

अब मारपीट मामले में दर्ज हुई प्राथमिकी

घटना के बाद सौरभ कुमार की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर विधानसभा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें 9 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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मामले पर शुरू हुई सियासत

घटना सामने आने के बाद इसे लेकर भाजपा और झामुमो के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गया था। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास समेत पार्टी के अन्य नेताओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे। इसके जवाब में झामुमो ने भाजपा पर मामले को लेकर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया था। अब विधायक पुत्र की शिकायत पर FIR दर्ज होने के बाद मामले ने एक नया कानूनी मोड़ ले लिया है। फिलहाल पुलिस प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों और 7 सितंबर की घटना से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मारपीट के आरोपों में किसकी क्या भूमिका रही।

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