Samachar Post रिपोर्टर,हजारीबाग : झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों पर दर्ज मुकदमों के मुद्दे को लेकर भाजपा ने राज्यव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलन के तहत मंगलवार को हजारीबाग में भाजपा कार्यकर्ताओं और छात्र समर्थकों ने DC कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल रघुवर दास भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच कराने और छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की।
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चार दिवसीय राज्यव्यापी आंदोलन की शुरुआत
भाजपा ने JPSC-JSSC CGL विवाद को लेकर चार दिवसीय राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया है। पार्टी का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे झारखंड के हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर भाजपा ने जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और प्रशासनिक कार्यालयों के घेराव का कार्यक्रम तय किया है। हजारीबाग में हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और छात्र समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे थे।
छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए रघुवर दास ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर मुकदमे दर्ज करना उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है। उन्होंने सरकार से छात्रों पर दर्ज मामलों को तत्काल वापस लेने की मांग की। रघुवर दास ने कहा कि यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है और सरकार को उनकी आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने JPSC-JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

‘जब-जब युवा बोला है, राज सिंहासन डोला है’
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “जब-जब युवा बोला है, राज सिंहासन डोला है।” उन्होंने कहा कि युवा किसी भी राज्य और देश की ताकत होते हैं। यदि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं के भविष्य और उनके सपनों से जुड़ी होती हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठना गंभीर विषय है। सरकार को छात्रों की मांगों को नजरअंदाज करने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
300 से ज्यादा छात्रों पर मुकदमे का दावा
भाजपा नेताओं ने दावा किया कि परीक्षा में पारदर्शिता और अपने अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन करने वाले 300 से अधिक छात्रों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पार्टी ने इन मामलों को वापस लेने की मांग की है। भाजपा का कहना है कि शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले छात्रों को अपराधी की तरह पेश करना उचित नहीं है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
JPSC-JSSC मामले में CBI जांच की मांग
प्रदर्शनकारियों ने JPSC और JSSC के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं में कथित घोटाले और अनियमितताओं की CBI जांच कराने की मांग की। भाजपा नेताओं का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को लेकर अभ्यर्थियों के बीच सवाल उठ रहे हैं। पार्टी के मुताबिक, ऐसे मामलों में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच जरूरी है। भाजपा ने राज्य सरकार से छात्रों की मांगों पर जल्द निर्णय लेने और कथित अनियमितताओं की CBI जांच की दिशा में पहल करने की मांग की।
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
हजारीबाग में प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि आंदोलन केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह झारखंड के छात्र-छात्राओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। पार्टी ने कहा कि जब तक छात्रों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं, प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर व्यवस्था मुस्तैद रखी गई।

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