Samachar Post रिपोर्टर, रामगढ़ : चुट्टूपालू घाटी में मंगलवार को एक और भीषण सड़क हादसा हुआ। रांची से हजारीबाग जा रहा सरिया लदा ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे करीब 20 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरा। हादसे के बाद ट्रेलर पर लदा भारी सरिया उसके नीचे दब गया, जिसकी चपेट में आने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद रामगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। कई घंटे की मशक्कत के बाद सरिया हटाकर दोनों शवों को बाहर निकाला गया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है।
वन विभाग के रेस्ट हाउस के सामने अनियंत्रित हुआ ट्रेलर
जानकारी के अनुसार, ट्रेलर रांची से सरिया लेकर हजारीबाग की ओर जा रहा था। चुट्टूपालू घाटी में वन विभाग के रेस्ट हाउस के सामने पहुंचते ही वाहन अनियंत्रित हो गया। बताया गया कि चालक ने ट्रेलर को सड़क किनारे रोकने की कोशिश की, लेकिन वाहन सड़क से उतर गया और करीब 20 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रेलर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। ट्रेलर में सवार दोनों लोग भारी मात्रा में लदे सरिया के नीचे दब गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
सरिया हटाकर शवों को निकाला गया
हादसे के बाद पुलिस और राहत दल घटनास्थल पर पहुंचा। ट्रेलर में लदे सरिया को हटाने में काफी समय लगा। इसके बाद दोनों शवों को बाहर निकाला जा सका। रामगढ़ पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं कोई अन्य व्यक्ति तो ट्रेलर या मलबे के नीचे नहीं दबा है। रामगढ़ थाना के एएसआई मनोज कुमार ने बताया कि चुट्टूपालू घाटी में तीखी ढलान होने के कारण यहां अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर सरिया हटाने का काम जारी रहा और संभावित रूप से किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की भी जांच की गई।

सुरक्षा इंतजामों पर उठ रहे सवाल
चुट्टूपालू घाटी में लगातार हो रहे हादसों के बीच स्थानीय स्तर पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि दुर्घटना संभावित इस इलाके में पर्याप्त और स्थायी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क किनारे सुरक्षा दीवार तो बनाई गई है, लेकिन पानी की निकासी के लिए बनी नाली भी क्षतिग्रस्त हो गई है। उनका कहना है कि सड़क की बनावट और सुरक्षा इंतजामों के चलते अनियंत्रित भारी वाहन कई बार दीवार से टकराकर हादसे का शिकार हो जाते हैं और आसपास से गुजरने वाले छोटे वाहन भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
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तीन दिनों में चार मौतों का दावा
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले तीन दिनों में चुट्टूपालू घाटी क्षेत्र में हुए सड़क हादसों में चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लगातार दुर्घटनाओं के कारण एक बार फिर चुट्टूपालू घाटी की सड़क सुरक्षा, सुरक्षा दीवार, जल निकासी और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।


