Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े 25 से अधिक मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष शिकायत पहुंची है। सामाजिक कार्यकर्ता समीर कुमार सिन्हा की ओर से भेजे गए पत्रों पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए उन्हें आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को भेजा है। साथ ही शिकायतकर्ता की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस को एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नई दिल्ली के अपर पुलिस उपायुक्त-1 मंजीत की ओर से तिलक मार्ग थाना प्रभारी के माध्यम से समीर कुमार सिन्हा को पत्र भेजा गया। पत्र में उन्हें अपनी शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित पुलिस अधिकारी या विभाग से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
आत्मदाह और आत्महत्या की चेतावनी पर पुलिस ने जताई आपत्ति
दिल्ली पुलिस के पत्र में कहा गया है कि वर्तमान कानूनी प्रावधानों के तहत मृत्यु तक या अनिश्चितकालीन उपवास, भूख हड़ताल, आत्मदाह अथवा आत्महत्या करना गैरकानूनी है। पुलिस ने सिन्हा से एसीपी/बी.के. रोड या संबंधित अधिकारी से संपर्क कर अपनी शिकायतों का समाधान कराने को कहा है। समीर कुमार सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र भेजने और दिल्ली पुलिस से नोटिस प्राप्त होने की पुष्टि की है।
18 जुलाई और 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट को भेजे पत्र
सामाजिक कार्यकर्ता के मुताबिक उन्होंने 18 जुलाई 2026 और 4 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट को पत्र भेजे थे। इन पत्रों में उन्होंने झारखंड में कथित भ्रष्टाचार के कई मामलों का जिक्र किया। सिन्हा का दावा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्य सरकार को भ्रष्टाचार से जुड़े 25 से अधिक मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई का निर्देश दिया था, लेकिन उनके अनुसार कई मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।हालांकि, इन दावों और मामलों में राज्य सरकार या संबंधित व्यक्तियों की आपराधिक भूमिका अभी न्यायिक रूप से स्थापित नहीं हुई है।

जमीन से लेकर भर्ती परीक्षाओं तक कई मुद्दे उठाए
सिन्हा ने अपने पत्र में सिरमटोली स्थित डिफेंस की जमीन की कथित खरीद-बिक्री, तत्कालीन उपायुक्त रामनिवास यादव के आवास से कथित तौर पर कारतूस और पैसे की बरामदगी तथा तत्कालीन डीजीपी अनुराग गुप्ता से जुड़े कथित फर्जी मुठभेड़ मामले जैसे मुद्दों का उल्लेख किया है। इसके अलावा उन्होंने JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार, पूर्व आईएएस अधिकारी राजीव अरुण एक्का के एक निजी कार्यालय में बैठकर सरकारी फाइलों का कथित रूप से निपटारा करने से जुड़े विवाद समेत कई अन्य विषय भी उठाए हैं। उन्होंने उच्च न्यायालय से जुड़े कुछ मामलों का भी अपने पत्र में उल्लेख किया है।
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कार्रवाई नहीं होने पर आत्मदाह की बात कही थी
बताया गया है कि समीर कुमार सिन्हा ने अपने पत्र में कहा था कि यदि कथित भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्मदाह कर सकते हैं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर से मामले को संबंधित विभाग को भेजने और दिल्ली पुलिस को उनकी सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया गया। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी आरोपों को सही ठहराने का कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है। शिकायत में उठाए गए मामलों में वास्तविक स्थिति संबंधित जांच, प्राथमिकी और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।


