पाकुड़ में आज निकलेगी 300 साल पुरानी ऐतिहासिक उलटी रथयात्रा, बंगाल और ओडिशा से पहुंचेंगे श्रद्धालु

Rupa Kumari | July 24, 2026 | 12:05 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, पाकुड़ : झारखंड के पाकुड़ में आयोजित होने वाली ऐतिहासिक रजवाड़ी रथयात्रा आज अपने अंतिम चरण में पहुंच जाएगी। शुक्रवार को भगवान मदन मोहन की उलटी रथयात्रा (घूरती यात्रा) का भव्य आयोजन किया जाएगा। सात दिनों के विश्राम के बाद भगवान मदन मोहन और माता रुक्मणी मौसी घर से वापस अपने मंदिर की ओर प्रस्थान करेंगे। इस दौरान हजारों श्रद्धालु रथयात्रा में शामिल होकर पूजा-अर्चना करेंगे और अपनी मनोकामनाएं मांगेंगे।

शाम 5 बजे शुरू होगी उलटी रथयात्रा

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान मदन मोहन और माता रुक्मणी को भव्य रथ पर विराजमान कर नगर भ्रमण कराया जाएगा। उलटी रथयात्रा का शुभारंभ शाम 5 बजे होगा। सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर परिसर और रथयात्रा मार्ग पर जुटने लगे हैं। भक्तों का विश्वास है कि इस रथयात्रा में सच्चे मन से मांगी गई मन्नत अवश्य पूरी होती है।

राजशाही परंपरा की अनूठी झलक

पाकुड़ की रथयात्रा अपनी राजशाही परंपरा और भव्यता के लिए पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध है। करीब 300 वर्ष पुरानी इस ऐतिहासिक परंपरा को देखने और इसमें शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल और ओडिशा सहित आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। स्थानीय इतिहासकारों और पुजारियों के अनुसार, इस रथयात्रा की परंपरा मुगलकाल से चली आ रही है और आज भी उसी श्रद्धा और उत्साह के साथ इसका आयोजन किया जाता है।

सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

रथयात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे आयोजन स्थल और रथयात्रा मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी। पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की गई है। प्रशासन ने असामाजिक तत्वों और हुड़दंगियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।

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आस्था और परंपरा का संगम

पाकुड़ की यह ऐतिहासिक रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होकर भगवान मदन मोहन का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और सदियों पुरानी परंपरा को जीवंत बनाए रखते हैं।

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