Samachar Post रिपोर्टर,पाकुड़ : झारखंड में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था की मांग को लेकर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो अपनी ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ के तहत शनिवार को पाकुड़ पहुंचे। सिदो-कान्हू मुर्मू पार्क के पास स्थानीय छात्रों और युवाओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान जेएलकेएम नेता मार्क बास्की समेत बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे। पाकुड़ में आयोजित सभा के दौरान देवेंद्र महतो ने राज्य की भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार पर निशाना साधा और मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी।
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‘24 जिला-24 संकल्प’ के साथ आंदोलन का दावा
सभा को संबोधित करते हुए देवेंद्र महतो ने कहा कि उनकी ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ की शुरुआत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की धरती नेमरा से हुई है और पाकुड़ इस यात्रा का छठा पड़ाव है। उन्होंने कहा कि आंदोलन किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि राज्य में कथित तौर पर व्याप्त भर्ती संबंधी अनियमितताओं के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि जब तक झारखंड के युवाओं को उनका अधिकार नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।
सिपाही से JPSC तक भर्ती प्रक्रिया पर सवाल
देवेंद्र महतो ने सिपाही, शिक्षक और दारोगा भर्ती से लेकर JPSC, BDO, CO और DSP जैसे पदों की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं से मेहनत कर तैयारी करने वाले युवाओं को नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्र वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी उनके भविष्य को प्रभावित करती है।

45 परीक्षाओं को लेकर किया दावा
सभा के दौरान देवेंद्र महतो ने दावा किया कि छात्रों के आंदोलन, भूख हड़ताल और विधानसभा घेराव के दबाव के बाद सरकार को 45 परीक्षाओं से जुड़े मामलों पर संज्ञान लेना पड़ा। उनके दावे के मुताबिक, CID जांच में कथित गड़बड़ी सामने आने के बाद 22 परीक्षाएं रद्द, 17 परीक्षाओं में जांच और 6 परीक्षाओं पर रोक की कार्रवाई हुई है। उन्होंने हाल में सामने आए JSSC CGL मामले में गिरफ्तारियों को भी छात्र आंदोलन की उपलब्धि बताया। देवेंद्र महतो ने कहा कि भर्ती से जुड़े मामलों की जांच केवल निचले स्तर के लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यदि जांच के दौरान किसी बड़े अधिकारी, IAS अधिकारी या मंत्री की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने की मांग की।
मांगें नहीं मानी गईं तो ‘झारखंड बंद’ की चेतावनी
सभा के दौरान छात्र नेता ने सरकार के सामने स्थानीय और पारदर्शी नियोजन नीति लागू करने समेत कई मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर प्रभावी रोक नहीं लगी और युवाओं की मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को राज्यव्यापी स्तर पर ले जाया जाएगा। देवेंद्र महतो ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर छात्र समुदाय अनिश्चितकालीन चक्का जाम और ‘झारखंड बंद’ का आह्वान कर सकता है।

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