Samachar Post रिपोर्टर, रांची : भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रांची में आयोजित एक विशेष इंटरैक्टिव सत्र में टेगा इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन मदन मोहन मोहंका ने छात्रों के साथ अपने दशकों लंबे व्यावसायिक अनुभव साझा किए। उन्होंने भविष्य के प्रबंधकों और उद्यमियों को नेतृत्व, व्यवसायिक निर्णय, टीम प्रबंधन और दीर्घकालिक सफलता के महत्वपूर्ण सूत्र बताए। मदन मोहन मोहंका ने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक पहचान केवल उसके वित्तीय प्रदर्शन से नहीं होती, बल्कि उसके लोगों, मूल्यों और दूरदर्शी सोच से बनती है। उन्होंने बताया कि व्यापार में सफलता एक लंबी प्रक्रिया है, जिसके लिए धैर्य, अनुशासन और निरंतर सीखने की आवश्यकता होती है।
चुनौतियों से सीखकर आगे बढ़ना ही नेतृत्व की पहचान
अपने उद्यमिता सफर का जिक्र करते हुए मोहंका ने कहा कि टेगा इंडस्ट्रीज़ को शुरुआती दौर में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, टीम पर भरोसा, सही रणनीति और निरंतर प्रयासों के बल पर कंपनी ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई। उन्होंने विद्यार्थियों को असफलताओं से घबराने के बजाय उन्हें सीखने का अवसर मानने की सलाह दी।

बड़े फैसलों में गहन अध्ययन और समझ जरूरी
मोहंका ने कहा कि किसी कंपनी के विस्तार, निवेश या अधिग्रहण जैसे निर्णय जल्दबाजी में नहीं लेने चाहिए। हर निर्णय से पहले तथ्यों का विश्लेषण, जोखिम का आकलन और टीम की राय को महत्व देना आवश्यक है। उन्होंने युवा उद्यमियों से कहा कि वे केवल सलाहकारों पर निर्भर न रहें, बल्कि स्वयं भी व्यवसाय के हर पहलू को गहराई से समझें।
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कर्मचारियों के साथ विश्वास का रिश्ता सबसे बड़ी पूंजी
उन्होंने कर्मचारियों के साथ विश्वास और सम्मान के रिश्ते को किसी भी संस्थान की सबसे बड़ी ताकत बताया। उनके अनुसार, कठिन परिस्थितियों में भी कर्मचारियों का साथ देना एक सफल नेता की पहचान है, क्योंकि किसी भी संगठन की असली पूंजी उसके लोग होते हैं।कार्यक्रम में IIM रांची के निदेशक प्रो. दीपक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि आधुनिक प्रबंधन शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं है, बल्कि ऐसे नेतृत्व का निर्माण करना है जो नवाचार, मूल्य सृजन और सामाजिक जिम्मेदारी को साथ लेकर आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि 27 देशों में कारोबार करने वाली टेगा इंडस्ट्रीज़ की यात्रा छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और ऐसे संवाद उन्हें व्यावहारिक प्रबंधन की समझ विकसित करने में मदद करते हैं।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

