मानगो-पुरुलिया मुख्य सड़क पर बारिश बन रही मुसीबत, 10 मिनट की बरसात में जलमग्न हो जाता है मार्ग

Rupa Kumari | July 17, 2026 | 12:35 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर : मानगो-पुरुलिया मुख्य सड़क पर जलजमाव की समस्या ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मानसून के दौरान स्थिति ऐसी हो जाती है कि महज 10 मिनट की बारिश के बाद सड़क पर पानी भर जाता है और आवागमन प्रभावित होने लगता है। लगातार हो रहे जलजमाव के कारण राहगीरों, वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

घुटने भर पानी में स्कूल जाने को मजबूर बच्चे

स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के दौरान सड़क पर घुटने तक पानी जमा हो जाता है। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है। जलजमाव के कारण सड़क की वास्तविक स्थिति नजर नहीं आने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। सड़क पर पानी भरने से दोपहिया और चारपहिया वाहनों के संचालन में भी परेशानी हो रही है। कई वाहन पानी में बंद हो जाते हैं, जिससे लंबा जाम लग जाता है। रोजमर्रा के कामकाज के लिए इस मार्ग का उपयोग करने वाले लोगों को अतिरिक्त समय और परेशानी झेलनी पड़ रही है।

ड्रेनेज व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

स्थानीय निवासियों का कहना है कि समस्या की जड़ खराब जल निकासी व्यवस्था है। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने और पानी निकासी के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण थोड़ी सी बारिश में भी सड़क पर पानी जमा हो जाता है। लोगों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को शिकायत देने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की मरम्मत, नालियों की सफाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था जल्द सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो मानसून के दौरान हालात और गंभीर हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें : गुजरात में फंसे पश्चिमी सिंहभूम के चार प्रवासी मजदूरों की सकुशल घर वापसी, सामाजिक पहल से मिली राहत

मानसून में बढ़ी परेशानी, समाधान का इंतजार

मानगो-पुरुलिया मुख्य सड़क क्षेत्र की प्रमुख संपर्क सड़कों में शामिल है। ऐसे में लगातार जलजमाव न केवल यातायात को प्रभावित कर रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों के दैनिक जीवन पर भी असर डाल रहा है। अब लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है कि समस्या के समाधान के लिए कब और क्या कदम उठाए जाते हैं।

Share this news

संबंधित खबरें