Samachar Post रिपोर्टर, गढ़वा : झारखंड और छत्तीसगढ़ के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रेलवे मंत्रालय ने गढ़वा जिले से होकर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर तक नई रेल लाइन बिछाने की मंजूरी दे दी है। करीब 261 किलोमीटर लंबी इस रेल परियोजना के पूरा होने के बाद दोनों राज्यों के बीच रेल संपर्क और आवागमन काफी आसान हो जाएगा। जानकारी के अनुसार, रेलवे मंत्रालय ने इस परियोजना को लेकर गजट अधिसूचना भी जारी कर दी है। नई रेल लाइन की स्वीकृति के बाद गढ़वा समेत आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है और लोग इसे क्षेत्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण पहल मान रहे हैं।
रामानुजगंज बनेगा अहम रेल जंक्शन
प्रस्तावित परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज क्षेत्र से दो प्रमुख रेल मार्ग विकसित किए जाने की योजना है। एक लाइन बढ़गढ़ और भंडरिया होते हुए बरवाडीह तक जाएगी, जबकि दूसरी लाइन गढ़वा, रंका और गोदरमाना के रास्ते रामानुजगंज पहुंचेगी। रामानुजगंज को एक महत्वपूर्ण जंक्शन के रूप में विकसित किए जाने की संभावना है। यहां से रेल लाइन आगे बलरामपुर होते हुए अंबिकापुर की मुख्य रेल लाइन से जुड़ जाएगी। इससे झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई जिलों को सीधा रेल संपर्क मिल सकेगा।
दशकों पुरानी रेल योजना अब भी अधूरी
नई परियोजना को लेकर उत्साह के बीच भंडरिया और बड़गढ़ क्षेत्र के लोगों में कुछ निराशा भी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ब्रिटिश काल में शुरू हुई बरवाडीह-चिरमिरी रेल लाइन परियोजना आजादी के बाद अधूरी रह गई थी। बताया जाता है कि 1930 और 1940 के दशक में इस परियोजना पर काफी काम हो चुका था। कई स्थानों पर स्टेशन, पुल और अन्य संरचनाओं का निर्माण भी हुआ था, लेकिन स्वतंत्रता के बाद यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। अब स्थानीय लोग चाहते हैं कि नई परियोजना में पुराने प्रस्तावित मार्ग को भी प्राथमिकता दी जाए।

सड़क मार्ग पर निर्भर हैं हजारों यात्री
वर्तमान में झारखंड और छत्तीसगढ़ के बीच यात्रा का प्रमुख साधन सड़क मार्ग है। गढ़वा से छत्तीसगढ़ के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में बसों का संचालन होता है और हजारों यात्री लंबी दूरी तय करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि भंडरिया और बड़गढ़ क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ा जाता है तो क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। उनका मानना है कि रेल संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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सांसद ने रेल मंत्री तक पहुंचाने का दिया भरोसा
पलामू सांसद बीडी राम ने कहा कि प्रस्तावित परियोजना में दो रेल मार्गों की अवधारणा पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक रेल लाइन रंका के रास्ते गढ़वा जंक्शन से जुड़ेगी, जबकि दूसरी भंडरिया और बड़गढ़ होते हुए बरवाडीह तक जाएगी। सांसद ने कहा कि स्थानीय लोगों की मांग और सुझावों को रेलवे मंत्रालय तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि पुरानी रेल लाइन के मार्ग पर ट्रेनों की गति सीमित हो सकती है, जबकि नई रेल परियोजना को आधुनिक और तेज गति की ट्रेनों के अनुरूप डिजाइन किया जा रहा है। नई रेल लाइन के निर्माण से झारखंड और छत्तीसगढ़ के बीच कनेक्टिविटी में सुधार के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

