गढ़वा में पेंशन नहीं मिलने से बुजुर्ग की मौत का मामला गरमाया, मुख्यमंत्री के संज्ञान के बाद बैंक प्रबंधन पर बढ़ा दबाव

Rupa Kumari | July 8, 2026 | 05:10 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, गढ़वा : जिले के बड़गढ़ प्रखंड में वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलने के कारण कथित रूप से इलाज प्रभावित होने और 75 वर्षीय बुजुर्ग रतन लकड़ा की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संज्ञान लेने के बाद प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। वहीं, मामले में बैंक अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और एसडीएम तथा एलडीएम ने संबंधित बैंक शाखा पहुंचकर जांच शुरू की। अधिकारियों ने मृतक के परिजनों, ग्रामीणों, बैंक कर्मियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से अलग-अलग बातचीत कर घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

मृतक रतन लकड़ा के परिजनों का आरोप है कि वे लंबे समय से बीमार थे और वृद्धावस्था पेंशन की राशि उनके इलाज का प्रमुख सहारा थी। कई बार बैंक जाने के बावजूद केवाईसी अपडेट नहीं होने का हवाला देकर भुगतान रोक दिया गया। परिवार का कहना है कि बुजुर्ग की शारीरिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे बैंक की ऊपरी मंजिल तक जा सकें। इसके बावजूद बैंक कर्मियों ने मानवीय आधार पर कोई मदद नहीं की।

बैंक मैनेजर और कर्मचारी पर दुर्व्यवहार का आरोप

मृतक की पुत्रवधू ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने शाखा प्रबंधक से बुजुर्ग की हालत बताते हुए सहायता की अपील की, तो उन्हें कथित तौर पर अपमानित किया गया। परिवार का दावा है कि बार-बार अनुरोध के बावजूद बैंक अधिकारियों ने समय पर समाधान नहीं निकाला। परिजनों के अनुसार बाद में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप पर बैंक कर्मी घर पहुंचे और बिस्तर पर पड़े रतन लकड़ा का बायोमेट्रिक सत्यापन कराया गया। हालांकि इसके बाद भी पेंशन की राशि खाते से नहीं निकल सकी। परिवार का आरोप है कि यदि समय पर पेंशन मिल जाती तो बेहतर इलाज संभव होता और शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी।

रात में घर पहुंचने पर उठे सवाल

घटना के बाद एक नया विवाद तब खड़ा हो गया, जब ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मामले के चर्चा में आने और प्रशासनिक जांच शुरू होने के बाद बैंक के कुछ कर्मचारी देर रात मृतक के घर पहुंचे। ग्रामीणों ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर बैंक अधिकारी रात में परिजनों से मिलने क्यों पहुंचे थे। हालांकि इस संबंध में बैंक प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई

जांच में जुटे अधिकारियों ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।

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