Samachar Post रिपोर्टर, पाकुड़ : पशुओं में फैलने वाली खतरनाक खुरपका-मुंहपका (FMD) बीमारी की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग ने जिलेभर में विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया है। विभाग की टीमें और चलंत वैक्सीनेशन वाहन गांव-गांव पहुंचकर मवेशियों का नि:शुल्क टीकाकरण कर रहे हैं। अधिकारियों ने पशुपालकों से अभियान में सहयोग करने की अपील की है।
मुंह और खुर में घाव बनाती है FMD बीमारी
पाकुड़ प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अभिषेक कुमार ने बताया कि खुरपका-मुंहपका रोग को स्थानीय भाषा में ‘खुरा’ या ‘चपका’ भी कहा जाता है। इस बीमारी के कारण पशुओं के मुंह और खुर में घाव हो जाते हैं, जिससे उन्हें चारा खाने में परेशानी होती है। दुधारू पशुओं की दूध उत्पादन क्षमता भी प्रभावित होती है, जबकि छोटे पशुओं के लिए यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने बताया कि इसी खतरे को देखते हुए विभाग विशेष अभियान चलाकर पशुओं का घर-घर जाकर मुफ्त टीकाकरण कर रहा है, ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके।
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एक माह तक चलेगा विशेष टीकाकरण अभियान
जिला पशुपालन पदाधिकारी नीरज कुमार गुप्ता ने बताया कि पूरे जिले में एक माह तक FMD टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत पशुओं को वैक्सीन देने के साथ-साथ पशुपालकों को बीमारी के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। गांवों में चलंत वैक्सीनेशन वाहन भेजे गए हैं, जिससे अधिक से अधिक पशुओं तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

पशुपालकों से सहयोग की अपील
स्थानीय पशुपालक मनोज कुमार यादव ने बताया कि खुरा-चापा रोग होने पर पशुओं के मुंह और खुर में घाव बन जाते हैं, जिससे उन्हें भोजन करने में काफी दिक्कत होती है। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण से इस बीमारी से बचाव संभव है। पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं का टीकाकरण अवश्य कराएं। यदि किसी पशु में बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो उसे नजदीकी प्रखंड पशुपालन कार्यालय ले जाएं या विभाग की हेल्पलाइन 1962 पर संपर्क कर सूचना दें।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

