झारखंड में इको टूरिज्म और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी पर सरकार का फोकस, CM हेमंत सोरेन ने दिए अहम निर्देश

Rupa Kumari | July 7, 2026 | 11:35 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड सरकार पर्यटन, खेल और संस्कृति के क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को मंत्रालय में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य के बंद और भूमिगत कोयला खदान क्षेत्रों की पहचान कर वहां इको टूरिज्म विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, लातेहार, हजारीबाग और रांची समेत अन्य जिलों के पर्यटन स्थलों को विकसित करने पर विशेष जोर दिया।बैठक में झारखंड की नई पर्यटन नीति तैयार करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने पतरातू व्यू प्वाइंट के विकास, रोपवे निर्माण, नेतरहाट में ग्लास ब्रिज या ग्लास वॉच टावर, कोयल व्यू प्वाइंट पर कॉटेज निर्माण, ट्रैकिंग सुविधाओं के विस्तार और लोध फॉल्स में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।

खिलाड़ियों के लिए बनेगी विशेष सहायता योजना

खेल विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों का व्यापक डेटाबेस तैयार करने, आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए विशेष सहायता एवं प्रोत्साहन योजनाएं शुरू करने और खेल सुविधाओं को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए एक्सपोजर विजिट कार्यक्रमों को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

कलाकारों का तैयार होगा राज्यव्यापी डेटाबेस

कला एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी कलाकारों का डेटाबेस तैयार कर जिला स्तर पर उसका सत्यापन कराने का निर्देश दिया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अब तक करीब 12 हजार कलाकारों का पंजीकरण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने पंजीकृत कलाकारों को देश के प्रतिष्ठित कला संस्थानों से जोड़ने और उनके लिए एक्सपोजर विजिट की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।

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रोजगार और स्थानीय विकास को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र के विकास से झारखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विभागीय सचिव मुकेश कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार की इस पहल को झारखंड में पर्यटन, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा देने की महत्वपूर्ण कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

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