पूर्व शराब नीति मामला: झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई, विजन हॉस्पिटैलिटी को 21 जुलाई तक राहत

Meenu | July 7, 2026 | 04:05 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड की पूर्व शराब नीति से जुड़े मामले में मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामला विजन हॉस्पिटैलिटी और झारखंड स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) के बीच कथित बकाया राशि से जुड़ा है। JSBCL ने कंपनी पर करीब 20 करोड़ रुपये कम जमा करने का आरोप लगाया है, जिसके बाद PDR Act के तहत वसूली के लिए सर्टिफिकेट केस दायर कर नोटिस जारी किया गया था। इसी नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।

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याचिकाकर्ता ने नोटिस जारी करने के अधिकार पर उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान विजन हॉस्पिटैलिटी की ओर से अदालत में दलील दी गई कि वसूली नोटिस जारी करने का अधिकार राज्य सरकार के पास है, न कि JSBCL के पास। साथ ही यह भी कहा गया कि दोनों पक्षों के बीच हुए एग्रीमेंट के अनुसार विवाद का समाधान मध्यस्थता के माध्यम से होना चाहिए।

हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने JSBCL का जवाब रिकॉर्ड पर लिया, लेकिन अदालत उसके जवाब से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखी। कोर्ट ने राज्य सरकार के अधिवक्ता से पूछा कि सर्टिफिकेट अफसर की संतुष्टि के बिना नोटिस कैसे जारी किया गया और JSBCL की मांग पर सीधे कार्रवाई किस आधार पर की गई। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई तक विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी। तब तक मामले में पहले से दिया गया स्टे आदेश प्रभावी रहेगा। विजन हॉस्पिटैलिटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अधिवक्ता चंचल जैन अदालत में पक्ष रख रहे हैं।

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