Samachar Post रिपोर्टर, पश्चिमी सिंहभूम: पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा जंगल में आईईडी विस्फोट में घायल हुए एक दंतैल जंगली हाथी का इलाज शुरू कर दिया गया है। वन विभाग और पशु चिकित्सकों के अनुसार हाथी की हालत गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों ने बताया कि आईईडी विस्फोट में हाथी के एक पैर की सभी उंगलियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। घायल होने के कारण वह पैर जमीन पर नहीं रख पा रहा है, जिससे उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
झारखंड-ओडिशा की संयुक्त टीम कर रही इलाज
पशु चिकित्सकों झारखंड की निगरानी में झारखंड और ओडिशा के पशु चिकित्सकों की संयुक्त टीम हाथी का इलाज कर रही है। घायल हाथी को कोलबोंगा क्षेत्र के सासंगदा-लेबरागढ़ा नाला के पास ट्रैक किया गया है। हाथी को एंटीबायोटिक, दर्दनाशक और सूजन कम करने वाली दवाएं लौकी और तरबूज में मिलाकर खिलाई जा रही हैं, ताकि इलाज असरदार तरीके से हो सके। वन विभाग की टीम हाथी को सुरक्षित स्थान पर लाने की कोशिश कर रही है, ताकि उसे बेहतर इलाज मिल सके। इलाके में लगातार निगरानी भी रखी जा रही है।
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वन्यजीवों पर भी खतरा
कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने कोलबोंगा जंगल में घायल हाथी को देखा था। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। आशंका है कि चिरिया ओपी थाना क्षेत्र के पोंगा जंक्शन के पास हुए IED ब्लास्ट में हाथी घायल हुआ। इस घटना ने नक्सल प्रभावित इलाकों में बिछाए जा रहे IED के खतरे को फिर उजागर कर दिया है। अब इसका असर सिर्फ सुरक्षा बलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वन्यजीव भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।