JPSC की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल: APP रिजल्ट में पात्रता शर्तों के उल्लंघन का आरोप

Meenu | June 21, 2026 | 02:14 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची :झारखंड लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली एक बार फिर विवादों में है। सहायक लोक अभियोजक (APP) भर्ती परीक्षा के प्रारंभिक परिणाम को लेकर आयोग के भीतर ही मतभेद सामने आने के बाद चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, आयोग के तीन सदस्यों में से दो सदस्यों ने परिणाम जारी करने से पहले फाइल पर लिखित आपत्ति दर्ज की और हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद 19 जून को APP परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद आयोग के निर्णय लेने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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2515 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए सफल

APP भर्ती परीक्षा के तहत विज्ञापन संख्या 06/2025 के अंतर्गत कुल 134 पदों पर नियुक्ति होनी है। प्रारंभिक परीक्षा 20 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई थी, जबकि आवेदन प्रक्रिया 29 जून से 21 जुलाई 2025 तक चली थी। प्रारंभिक परीक्षा परिणाम में कुल 2515 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया है।

कंप्यूटर योग्यता शर्तों पर विवाद

विवाद का मुख्य बिंदु विज्ञापन में निर्धारित पात्रता शर्तें हैं। विज्ञापन के अनुसार, LLB डिग्री के साथ कंप्यूटर संचालन की योग्यता अनिवार्य नहीं बल्कि अतिरिक्त अर्हता थी, लेकिन इसके लिए केवल राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान का प्रमाणपत्र ही मान्य बताया गया था। आरोप है कि कई अभ्यर्थियों द्वारा राज्य के बाहर के संस्थानों से प्राप्त कंप्यूटर प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए गए, जिन्हें स्वीकार कर लिया गया।

830 से अधिक अभ्यर्थी झारखंड के बाहर के

मुख्य परीक्षा के लिए चयनित 2515 अभ्यर्थियों में से लगभग 902 अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवार हैं, जिनमें करीब 830 अभ्यर्थी झारखंड राज्य के बाहर के बताए जा रहे हैं। इसी आधार पर चयन प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठ रहे हैं। अभ्यर्थियों ने आयोग से मांग की है कि मुख्य परीक्षा से पहले कंप्यूटर प्रमाणपत्रों की वैधता और चयन प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाए। उनका कहना है कि यदि पात्रता शर्तों पर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, तो यह मामला आगे कानूनी विवाद का रूप ले सकता है। फिलहाल JPSC की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।

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