Samachar Post रिपोर्टर, रांची :अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राजधानी रांची स्थित जी. डी. गोयनका स्कूल में भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार और हेड मिस्ट्रेस रुमा सेन गुप्ता के नेतृत्व में किया गया।
यह भी पढ़ें :जमशेदपुर में नदी किनारे मिला अज्ञात व्यक्ति का सड़ा-गला शव, हत्या की आशंका
योग शिक्षक ने कराया आसन और प्राणायाम का अभ्यास
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के अनुभवी योग शिक्षक देवाशीष प्रामाणिक ने किया। उन्होंने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का प्रदर्शन करते हुए प्रतिभागियों को उनका अभ्यास कराया। इस दौरान उन्होंने योग की विभिन्न मुद्राओं के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों की सरल एवं रोचक जानकारी भी दी। उनके मार्गदर्शन से विद्यार्थियों और शिक्षकों को योग के महत्व को समझने और उसे दैनिक जीवन में अपनाने की प्रेरणा मिली।
नन्हे विद्यार्थियों के प्रदर्शन ने जीता सबका दिल
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण तब देखने को मिला जब जूनियर वर्ग के विद्यार्थियों ने मधुर संगीत की धुन पर योग का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों ने आत्मविश्वास, अनुशासन और संतुलन के साथ विभिन्न योगासन प्रस्तुत किए। उनकी एकाग्रता और योग कौशल ने उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दर्शकों ने बच्चों के प्रदर्शन की जमकर सराहना की।
योग क्विज़ में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
योग दिवस के अवसर पर देवाशीष प्रामाणिक द्वारा एक रोचक योग क्विज़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता की विशेष बात यह रही कि अधिकांश प्रश्नों के सही उत्तर विद्यार्थियों ने दिए, जिससे योग के प्रति उनकी जागरूकता और समझ का परिचय मिला। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय की ओर से सम्मानित और पुरस्कृत किया गया। इससे विद्यार्थियों का उत्साह और बढ़ा तथा उन्हें भविष्य में भी योग से जुड़े रहने की प्रेरणा मिली।

योग जीवन शक्ति का मूल स्रोत : प्राचार्य
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और व्यक्तित्व विकास का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति की प्राणशक्ति विकसित होती है और वर्तमान समय के तनावपूर्ण जीवन में योग की उपयोगिता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
स्वास्थ्य और जागरूकता का संदेश
पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन और उत्साह से सराबोर रहा। योग दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता के साथ-साथ नियमित योगाभ्यास के प्रति प्रेरणा का महत्वपूर्ण माध्यम बना।

Reporter | Samachar Post

