झारखंड: विभागों के PL खातों में जमा 18,902 करोड़ रुपये होंगे राजकोष में वापस, वित्त मंत्री का निर्देश

Meenu | June 21, 2026 | 11:50 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर,रांची :झारखंड सरकार ने विभिन्न विभागों के पर्सनल लेजर (PL) खातों में वर्षों से जमा हजारों करोड़ रुपये को लेकर सख्त रुख अपनाया है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्त विभाग को निर्देश दिया है कि चार वर्ष से अधिक समय से पीएल खातों में पड़ी राशि को वापस राजकोष में जमा कराने की प्रक्रिया शुरू की जाए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न विभागों के पीएल खातों में कुल 18,901.74 करोड़ रुपये जमा हैं, जिनका लंबे समय से उपयोग नहीं किया गया है। वित्त विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सबसे अधिक राशि ऊर्जा विभाग के पीएल खातों में जमा है।

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प्रमुख विभागों के PL खातों में जमा राशि

  • ऊर्जा विभाग – 3,943 करोड़ रुपये
  • नगर विकास विभाग – 2,876 करोड़ रुपये
  • उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग – 1,957 करोड़ रुपये
  • वित्त विभाग – 1,922 करोड़ रुपये
  • पथ निर्माण विभाग – 1,776 करोड़ रुपये

इसके अलावा करीब 20 अन्य विभागों के खातों में भी बड़ी मात्रा में सरकारी राशि लंबे समय से पड़ी हुई है।

सभी विभागों के सचिवों को जारी किए गए निर्देश

वित्त सचिव ने सभी विभागीय सचिवों को पत्र जारी कर पीएल खातों की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। विभागों से कहा गया है कि राशि का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करें या फिर उसे वापस राजकोष में जमा कराएं। सरकार का मानना है कि निष्क्रिय धनराशि को लंबे समय तक खातों में रखने से वित्तीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग प्रभावित होता है।

चार वर्ष से अधिक राशि रखने पर रोक

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी विभाग को चार वर्ष से अधिक समय तक पीएल खाते में राशि रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। निर्धारित अवधि के बाद यदि राशि का उपयोग नहीं होता है, तो विभागीय स्वीकृति के साथ उसे राजकोष में वापस जमा कराया जाएगा। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य सरकार विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने का प्रयास कर रही है। ऐसे में हजारों करोड़ रुपये का निष्क्रिय पड़े रहना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी धन का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना जरूरी है। साथ ही वित्तीय प्रबंधन में एफआरबीएम मानकों का पालन भी आवश्यक है।

विकास योजनाओं में हो सकेगा बेहतर उपयोग

सरकार का मानना है कि पीएल खातों में पड़ी निष्क्रिय राशि को व्यवस्थित कर विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचा निर्माण और जनहित योजनाओं में अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जा सकेगा।

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