Samachar Post रिपोर्टर,सिमडेगा :सिमडेगा जिले में बेमौसम बारिश ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली वनोपज पर असर डाला है। महुआ और इमली की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे उत्पादन में कमी देखी जा रही है। हाल ही में हुई तेज हवाओं और बारिश ने महुआ के फूलों और इमली की पैदावार को नुकसान पहुंचाया है। समय से पहले गिरे फूल और खराब फसल के कारण बाजार तक इनकी आपूर्ति कम हो गई है।
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उत्पादन में गिरावट, कीमतों में बढ़ोतरी
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस बार बाजार में महुआ और इमली की आवक पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम है। इसका सीधा असर ग्रामीण आय पर पड़ रहा है। उत्पादन घटने से महुआ और इमली की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है। हालांकि इससे किसानों को ज्यादा फायदा नहीं मिल रहा, क्योंकि उनके पास बेचने के लिए पर्याप्त उत्पाद ही नहीं है।
किसानों और व्यापारियों पर संकट
सिमडेगा में बड़ी संख्या में लोग वनोपज पर निर्भर हैं। महुआ और इमली यहां ग्रामीणों की आय का प्रमुख स्रोत हैं। ऐसे में उत्पादन में कमी से किसानों के साथ-साथ छोटे व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। गौरतलब है कि झारखंड में महुआ उत्पादन के मामले में सिमडेगा अग्रणी जिलों में शामिल है। इमली भी यहां के ग्रामीणों के लिए आय का महत्वपूर्ण साधन है।
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