Samachar Post डेस्क, रांची :अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में शुक्रवार को गिरावट दर्ज की गई है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव कम होने की उम्मीदों के बीच तेल के दामों में करीब 2 प्रतिशत तक की कमी आई है, जिससे भारत जैसे आयातक देशों को राहत मिलने की संभावना बढ़ गई है। पश्चिम एशिया में बीते कुछ समय से जारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई थी। अब हालात सामान्य होने की उम्मीद से बाजार में नरमी देखने को मिली है, जिससे कीमतों पर दबाव कम हुआ है।
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में गिरावट
ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर करीब 97.99 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। वहीं WTI Crude भी करीब 2 प्रतिशत गिरावट के साथ 92.91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा। इससे पहले के कारोबारी सत्र में कीमतों में तेजी देखी गई थी। भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कच्चे तेल की कीमतों में करीब 2.6 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 8,625 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। यह संकेत है कि वैश्विक बाजार की नरमी का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है।
अमेरिका के शांति प्रयास अहम
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम की घोषणा और ईरान के साथ संभावित समझौते के संकेतों ने बाजार को राहत दी है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और कीमतों में गिरावट आई है।
शेयर बाजार में मिला-जुला रुख
तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद शेयर बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला। भारत में प्रमुख सूचकांक सपाट खुले, जबकि एशियाई बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं अमेरिकी बाजार में हल्की बढ़त देखने को मिली।
आगे और राहत की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में शांति कायम रहती है, तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट आ सकती है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी और भारत जैसे देशों को महंगाई पर नियंत्रण में मदद मिल सकती है।
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