Samachar Post रिपोर्टर, रांची :झारखंड में सांसदों और विधायकों से जुड़े आपराधिक मामलों के निपटारे को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने जानकारी दी कि राज्य में ऐसे 10 मामले अब भी लंबित हैं।
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स्वतः संज्ञान लेकर हुई सुनवाई
यह सुनवाई जनहित याचिका के तहत हो रही है, जिसे अदालत ने स्वतः संज्ञान लेते हुए दर्ज किया था। इसका उद्देश्य जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करना है। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने कहा कि मामलों में देरी होने से गवाहों की गवाही प्रभावित होती है और न्याय प्रक्रिया पर असर पड़ता है। अदालत ने सीबीआई को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए।
अगली सुनवाई 10 जून को
सीबीआई ने अदालत को बताया कि हाल ही में एक मामला निपटाया गया है, लेकिन अभी भी 10 मामले विभिन्न अदालतों में लंबित हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 10 जून को तय की है। इस दौरान लंबित मामलों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
जनप्रतिनिधियों पर बढ़ते मामले
पिछली सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से जानकारी दी गई थी कि सांसद-विधायकों से जुड़े कई आपराधिक मामले विचाराधीन हैं। इनमें कुछ मामले जांच एजेंसियों को स्थानांतरित किए जा चुके हैं, जबकि अन्य मामलों की सुनवाई जारी है।
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