एसीपी लाभ और सहायक आचार्य भर्ती मामले में झारखंड हाईकोर्ट की चेतावनी, चार सप्ताह में पालन अनिवार्य

Rupa Kumari | March 19, 2026 | 03:24 PM IST
  • झारखंड हाईकोर्ट ने एसीपी लाभ और सहायक आचार्य भर्ती मामले में राज्य और JSSC को दी चेतावनी

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में दो अहम मामलों की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार, पुलिस विभाग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने एसीपी लाभ मामले में डीजीपी को स्पष्ट चेतावनी दी और सहायक आचार्य भर्ती मामले में आयोग को जवाब दाखिल करने के लिए निर्देशित किया।

एसीपी लाभ मामले में डीजीपी को सख्त निर्देश

झारखंड पुलिस के एसीपी लाभ से जुड़े मामले की सुनवाई जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में हुई। कोर्ट ने कहा कि चार सप्ताह के भीतर पहले दिए गए आदेश का पालन किया जाए और पुलिसकर्मियों को एसीपी लाभ दिया जाए। यदि समय पर आदेश का पालन नहीं हुआ, तो डीजीपी को स्वयं अदालत में उपस्थित होकर जवाब देना होगा। यह मामला झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन की याचिका से जुड़ा है।

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सहायक आचार्य भर्ती मामले में JSSC को फटकार

दूसरे मामले की सुनवाई जस्टिस आनंद सेन की अदालत में हुई। इसमें सहायक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया पर याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने JSSC को फटकार लगाते हुए जल्द जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही कोर्ट ने संबंधित पद पर एक सीट आरक्षित रखने का आदेश दिया, ताकि मामला न्यायिक निर्णय से प्रभावित न हो।

विवाद के कारण और TET नियमों में बदलाव

याचिकाकर्ता के पास दो टीईटी प्रमाणपत्र हैं, 2013 में 60% अंक से अधिक और 2016 में कम अंक। आरोप है कि आयोग ने 2016 के प्रमाणपत्र को आधार बनाकर नियुक्ति से वंचित किया। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि 2013 का टीईटी प्रमाणपत्र 5 वर्षों के लिए वैध था, जिसे 2022 में आजीवन मान्यता दे दी गई, लेकिन अधिक अंक होने के बावजूद चयन सूची से बाहर रखा गया।

कोर्ट की मांग

कोर्ट ने JSSC से पूरे मामले में स्पष्ट जवाब मांगा और संकेत दिया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों का पालन अनिवार्य है।

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