फर्जी जाति प्रमाण पत्र से एडमिशन का मामला उजागर, दो छात्र भागे; 10 संदिग्ध अभ्यर्थियों की सूची तैयार

Rupa Kumari | November 13, 2025 | 01:13 PM IST
  • मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में बड़ा खुलासा

Samachar Post डेस्क, रांची : पलामू जिले के सदर प्रखंड स्थित पोखराहा में स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे एडमिशन लेने का मामला सामने आया है। कॉलेज प्रशासन ने बताया कि दो छात्र-छात्रा ने खुद को ओबीसी श्रेणी का दिखाकर प्रवेश लेने की कोशिश की, जबकि वे सामान्य वर्ग से थे।

जांच में खुली पोल

दस्तावेजों की जांच के दौरान दोनों के जाति प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए। जब कॉलेज प्रशासन ने झारखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रमाण पत्र की सत्यापन की, तो संबंधित प्रमाण पत्र ऑनलाइन उपलब्ध नहीं थे।

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पूछताछ के दौरान छात्रों ने कहा कि

एक दिन का समय दीजिए, कल तक प्रमाण पत्र ऑनलाइन दिखने लगेगा। लेकिन अगले दिन प्रमाण पत्र कुछ घंटे के लिए वेबसाइट पर दिखाई देने के बाद हटा दिया गया। जब कॉलेज प्रशासन ने स्पष्टीकरण मांगा, तो दोनों छात्र मौके से फरार हो गए।

अन्य छात्रों पर भी शक

इसी तरह एक अन्य छात्र का जाति प्रमाण पत्र भी फर्जी पाया गया। कॉलेज प्रशासन ने बताया कि इस साल की प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कुल 10 संदिग्ध छात्रों की सूची तैयार की गई है।झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद (JCECEB) ने इन छात्रों की सूची राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों को भेज दी है।

सूची के अनुसार..

  • रिम्स, रांची: 1 संदिग्ध छात्र
  • दुमका मेडिकल कॉलेज: 3 संदिग्ध छात्र
  • धनबाद मेडिकल कॉलेज: 1 संदिग्ध छात्र
  • हजारीबाग मेडिकल कॉलेज: 5 संदिग्ध छात्र

जांच जारी, डीसी को भेजे गए पत्र

मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पी. एन. महतो ने बताया कि अब तक 98 छात्रों ने एडमिशन लिया है। उन्होंने कहा कि सभी छात्रों के प्रमाण पत्रों की जांच के लिए संबंधित जिलों के उपायुक्तों (DCs) को पत्र भेजा गया है। जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम कार्रवाई की जाएगी। – डॉ. पी. एन. महतो

कार्रवाई की तैयारी

कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने पर छात्रों का प्रवेश रद्द किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। फिलहाल सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि एडमिशन प्रक्रिया में प्रमाण पत्रों की ऑनलाइन जांच को अनिवार्य बनाया जाए।

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