पलामू में कारगिल विजय दिवस पर होगा भव्य समारोह, महापौर और चैंबर अध्यक्ष को दिया गया निमंत्रण

Samachar Post रिपोर्टर, पलामू : कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पलामू में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, पलामू के प्रतिनिधिमंडल ने मेदिनीनगर की महापौर अरुणा शंकर और चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष आनंद शंकर से मुलाकात कर उन्हें समारोह में शामिल होने का औपचारिक आमंत्रण दिया। परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि 26 जुलाई को सुबह 10 बजे समारोह की शुरुआत मेदिनीनगर के शहीद चौक (पूर्व कचहरी चौक) से होगी। यहां पूर्व सैनिक, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के सदस्य कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

वीर नारियों और पूर्व सैनिकों का होगा सम्मान

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति टाउन हॉल में मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा। इस दौरान कारगिल युद्ध के शहीदों की वीर नारियों, युद्ध में घायल सैनिकों और कारगिल अभियान में शामिल रहे सेवानिवृत्त सैनिकों को सम्मानित किया जाएगा। आयोजन में देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे। स्थानीय कलाकार उमाशंकर मिश्र और उनकी टीम देशभक्ति गीतों व प्रस्तुतियों के माध्यम से शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे। इसके अलावा विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक संगठन भी होंगे शामिल

कार्यक्रम में जिले के प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में नागरिकों की भागीदारी रहने की संभावना है। आयोजन समिति की ओर से आगंतुकों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की गई है। टाउन हॉल में कार्यक्रम संपन्न होने के बाद सभी अतिथि और पूर्व सैनिक पोलपोल स्थित शहीद स्मारक पहुंचेंगे, जहां माल्यार्पण कर कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके साथ ही समारोह का औपचारिक समापन होगा।

यह भी पढ़ें : भाकपा (माओवादी) नेता जितेंद्र गंझू को झारखंड हाई कोर्ट से जमानत, लंबे समय से थे न्यायिक हिरासत में

अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील

अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के जिला अध्यक्ष दामोदर मिश्र ने पलामूवासियों से कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कारगिल के वीर शहीदों के बलिदान को याद करना और नई पीढ़ी तक उनकी गौरवगाथा पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

संबंधित खबरें