मॉनसून सत्र : सदन के अंदर और बाहर गूंजा “वोट चोर, गद्दी छोड़” का नारा

Rupa Kumari | August 26, 2025 | 03:11 PM IST
  • जनता के सवाल धरे रह गए, तीसरे दिन भी प्रश्नकाल नहीं हो पाया

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र का तीसरा दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन के अंदर और बाहर “वोट चोर गद्दी छोड़” के नारे गूंजते रहे। विपक्ष और सत्ता पक्ष के हंगामे के बीच प्रश्नकाल नहीं हो सका, जिससे जनता के सवाल एक बार फिर धरे रह गए।

विपक्ष का हमला

कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने हाथ में संविधान लेकर कहा , बाबा साहेब ने संविधान में वोट का अधिकार दिया, लेकिन आज वोट चोर वोट की चोरी कर तीसरे दरवाजे से सत्ता पर बैठना चाहते हैं। इसके बाद सत्ता पक्ष ने भी “वोट चोर गद्दी छोड़” और एसआईआर वापस लो के नारे लगाए।

सूर्या हांसदा एनकाउंटर, अटल क्लीनिक और राज्यपाल विवाद पर गरमाया माहौल

विपक्ष ने सदन के भीतर सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले की सीबीआई जांच, अटल क्लीनिक, रिम्स टू और राज्यपाल के अधिकारों में कटौती जैसे मुद्दों पर जोरदार प्रदर्शन किया। हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक और फिर दो बजे तक स्थगित कर दी।

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दोबारा शुरू हुई कार्यवाही में फिर उठा एसआईआर विवाद

दोपहर 12:04 बजे कार्यवाही पुनः शुरू हुई तो प्रदीप यादव ने एक बार फिर एसआईआर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, यह सरकार लोकतंत्र और वोट के अधिकार की रक्षा करने वाली सरकार है। इस पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पलटवार किया आदिवासियों की खतियानी जमीन छीनी जा रही है, उनकी भूमि वापस होनी चाहिए। डेमोग्राफी बदल रही है, आगे कोई आदिवासी एमएलए-एमपी नहीं बन पाएगा।

सत्ता पक्ष का जवाब

संसदीय कार्यमंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर संवेदनशील है। लेकिन हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही एक बार फिर बाधित हो गई।

स्पीकर की अपील भी बेअसर

स्पीकर रवींद्र नाथ महतो ने बार-बार आग्रह किया कि सदन को चलने दिया जाए और प्रश्नकाल संपन्न कराया जाए। लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी मांगों पर अड़े रहे, नतीजतन कार्यवाही ठप हो गई।

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