बिहार में स्टेट हाईवे पर भी लगेगा टोल टैक्स, कैबिनेट ने नई नियमावली को दी मंजूरी

Rupa Kumari | July 2, 2026 | 02:08 PM IST

Samachar Post डेस्क, पटना : बिहार में अब राष्ट्रीय राजमार्गों की तर्ज पर राज्य राजमार्गों (स्टेट हाईवे) पर भी सफर करने के लिए टोल टैक्स देना होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली, 2026 को मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए टोल शुल्क की दरें भी तय कर दी गई हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद राज्य सरकार के स्वामित्व वाली चयनित सड़कों, बड़े पुलों और बाइपास मार्गों पर वाहन चालकों से पथकर वसूला जाएगा।

वाहनों के लिए तय हुईं टोल दरें

सरकार द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार विभिन्न श्रेणी के वाहनों से प्रति किलोमीटर के हिसाब से शुल्क लिया जाएगा।

  • हल्के मोटर वाहन (LMV) : 1.25 रुपये प्रति किमी
  • छोटे व्यावसायिक वाहन : 2 रुपये प्रति किमी
  • दो एक्सल वाले बस और ट्रक : 4.25 रुपये प्रति किमी
  • बड़े व्यावसायिक वाहन : 6.65 रुपये प्रति किमी
  • सात या उससे अधिक एक्सल वाले वाहन : 8.10 रुपये प्रति किमी
    अध्ययन के बाद तय होंगे टोल वाले मार्ग

राज्य सरकार पहले प्रमुख सड़कों और राज्य राजमार्गों पर वाहनों की संख्या तथा यातायात भार का विस्तृत अध्ययन कराएगी। इसके आधार पर यह तय किया जाएगा कि किन सड़कों, बड़े पुलों और बाइपास पर टोल टैक्स लागू किया जाए। सूत्रों के अनुसार भविष्य में विकसित होने वाले एक्सप्रेस-वे को भी इस व्यवस्था के दायरे में शामिल किया जा सकता है।

फास्टैग से होगी टोल वसूली

कैबिनेट बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि टोल टैक्स की वसूली फास्टैग और अन्य स्वीकृत इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणालियों के माध्यम से की जाएगी। इससे वाहनों की आवाजाही तेज होगी और नकद भुगतान की आवश्यकता कम होगी। उन्होंने कहा कि नई नियमावली में पात्र श्रेणियों के लिए छूट, रियायती पास और मल्टी-ट्रिप रियायत जैसी सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है।

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सड़क परियोजनाओं को मिलेगा वित्तीय सहयोग

सरकार का मानना है कि पथकर व्यवस्था लागू होने से सड़क, पुल और बाइपास जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के रखरखाव और विकास के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे। हालांकि, यह व्यवस्था किन-किन मार्गों पर लागू होगी, इसका अंतिम निर्णय अध्ययन रिपोर्ट आने के बाद लिया जाएगा।

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