पाकुड़ में ग्रामीणों ने खुद संभाली जिम्मेदारी, श्रमदान कर जर्जर सड़क को बनाया चलने योग्य

Rupa Kumari | July 25, 2026 | 12:24 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, पाकुड़ : सदर प्रखंड के नगरनबी गांव में ग्रामीणों ने प्रशासनिक उदासीनता से परेशान होकर खुद ही सड़क मरम्मत का बीड़ा उठाया। लंबे समय से जर्जर पड़ी सड़क की स्थिति में सुधार के लिए ग्रामीणों ने श्रमदान कर सड़क को आवागमन योग्य बनाया। नगरनबी क्षेत्र से गुजरने वाली यह सड़क पाकुड़ को पश्चिम बंगाल से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क लंबे समय से खराब स्थिति में थी, लेकिन इसके निर्माण या मरम्मत को लेकर प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते के कारण लोगों को रोजाना आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

बारिश में बढ़ जाती थी परेशानी

ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती थी। जगह-जगह जलभराव और कीचड़ के कारण चारपहिया वाहनों का आवागमन प्रभावित हो जाता था। कई बार लोग घंटों तक रास्ते में फंस जाते थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण छोटी-मोटी दुर्घटनाएं भी होती रहती थीं, जिससे लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी।

बैठक के बाद लिया श्रमदान का फैसला

प्रशासनिक स्तर पर समाधान नहीं निकलने से निराश ग्रामीणों ने आपसी बैठक कर स्वयं सड़क की मरम्मत करने का निर्णय लिया। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए और श्रमदान के माध्यम से सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास से गड्ढों को भरने और सड़क को समतल बनाने का काम किया, जिससे मार्ग पर आवागमन फिर से सुगम हो सका।

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प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग

ग्रामीणों ने कहा कि श्रमदान के माध्यम से सड़क को फिलहाल चलने योग्य बनाया गया है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क का जल्द स्थायी निर्माण कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र के विकास और सुरक्षित आवागमन के लिए सड़क की मजबूती और नियमित रखरखाव बेहद जरूरी है।

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