Samachar Post रिपोर्टर,कोडरमा : जिले के तिलैया थाना क्षेत्र स्थित वृंदाहा झरने में बुधवार को नहाने के दौरान डूबे बिहार के जहानाबाद निवासी छात्र सागर कुमार का दो दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। सागर अपने शिक्षक के साथ शैक्षणिक भ्रमण पर कोडरमा आया था। झरने में नहाने के दौरान वह तेज बहाव वाले पानी की चपेट में आ गया और लापता हो गया। घटना के बाद से परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे हैं। परिवार को अब भी सागर के सकुशल मिलने की उम्मीद है।
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पटना से पहुंची NDRF टीम, शुक्रवार सुबह शुरू हुआ रेस्क्यू
घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने पटना से NDRF की टीम को बुलाया। टीम गुरुवार देर शाम वृंदाहा झरने पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, पानी का तेज बहाव और अंधेरा होने के कारण बुधवार और गुरुवार को सागर की तलाश में मुश्किलें आईं। इसके बाद शुक्रवार सुबह NDRF की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम झरने के आसपास पानी में सागर की तलाश कर रही है।
बेटे के मिलने की उम्मीद में परिजन
सागर के लापता होने के बाद से उसके परिवार में मातम का माहौल है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहने के बावजूद अब तक कोई सुराग नहीं मिलने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। दो बेटों में सागर बड़ा है। बेटे के लापता होने के बाद उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, पिता राजेश दास अब भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनका बेटा सकुशल वापस लौट आएगा।

पिता ने पहले ट्रिप पर जाने से किया था मना
सागर के पिता राजेश दास ने बताया कि 8 सितंबर को उनके बेटे ने घूमने जाने की इच्छा जताई थी। उन्होंने शुरुआत में उसे जाने से मना कर दिया था। हालांकि, सागर के लगातार आग्रह के बाद उन्होंने कोचिंग संचालक राजेश केशरी से बात की। राजेश दास के मुताबिक, कोचिंग संचालक ने उन्हें बताया था कि सभी बच्चे ट्रिप पर जा रहे हैं और गया के आसपास के इलाकों में घूमने के बाद देर शाम तक लौट आएंगे। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भरोसा भी दिलाया था। शिक्षक की बात पर भरोसा करने के बाद राजेश दास ने सागर को ट्रिप पर जाने की अनुमति दे दी। लेकिन बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे शिक्षक ने फोन कर सागर के लापता होने की जानकारी दी। इसके बाद राजेश दास परिवार के साथ गया पहुंचे और शिक्षक से संपर्क किया। वहां उन्हें बताया गया कि बच्चे कोडरमा पहुंच चुके हैं।
पढ़ाई में मेधावी था सागर
सागर के पिता जहानाबाद में टोटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि सागर पढ़ाई में काफी अच्छा और मेधावी छात्र था। परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। पिता का कहना है कि उन्हें भरोसा था कि सागर आगे चलकर परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर करेगा। बेटे के अचानक लापता होने से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। परिजन अब भी उसके सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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