Samachar Post रिपोर्टर, कोडरमा : कोडरमा के मरकच्चो प्रखंड स्थित जामु उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को मध्याह्न भोजन खाने के बाद 48 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों ने पेट दर्द और उल्टी की शिकायत की। इसके बाद स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। शिक्षकों ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी प्रभावित बच्चों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका इलाज किया गया। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति सामान्य है। एहतियात के तौर पर उन्हें निगरानी में रखा गया है।
62 बच्चे स्कूल में थे, 48 ने की शिकायत
जानकारी के मुताबिक, बुधवार को स्कूल में कुल 62 बच्चे उपस्थित थे। इनमें से 48 बच्चों ने मध्याह्न भोजन करने के कुछ देर बाद पेट दर्द और उल्टी की शिकायत की। घटना की जानकारी मिलते ही बच्चों के परिजन भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से बच्चों की स्थिति की जानकारी ली। इस घटना के बाद स्कूल और अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।
चावल-दाल और आलू-सोयाबीन की सब्जी बनी थी
बुधवार को स्कूल में मध्याह्न भोजन के तहत चावल, दाल और आलू-सोयाबीन की सब्जी तैयार की गई थी। बच्चों ने खाना खाने के कुछ समय बाद तबीयत खराब होने की शिकायत की। बताया गया कि भोजन तैयार करने वाली रसोइया की भी तबीयत बिगड़ गई। उसने भी खाना खाने के बाद परेशानी होने की बात कही और इलाज के लिए अस्पताल पहुंची। घटना की सूचना मिलने के बाद प्रखंड प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल और अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने बच्चों की स्थिति और भोजन से जुड़ी जानकारी ली।
कच्चे चावल की जताई गई आशंका
जिला शिक्षा पदाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि फिलहाल सभी बच्चों की हालत सामान्य है। उन्होंने प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई कि चावल कुछ कच्चा रह गया होगा, जिससे कुछ बच्चों को परेशानी हुई हो सकती है। वहीं, रसोइया की ओर से पुराने चावल इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, डीईओ ने स्पष्ट किया कि भोजन में इस्तेमाल चावल की गुणवत्ता और बच्चों के बीमार पड़ने की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
बच्चों की तबीयत बिगड़ने की वजह की जांच जारी
घटना की जानकारी मिलने पर अंचलाधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हालचाल लिया। फिलहाल प्रशासन और शिक्षा विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। बच्चों के बीमार पड़ने का कारण भोजन था या किसी अन्य वजह से उनकी तबीयत खराब हुई, इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।























