Samachar Post रिपोर्टर, बोकारो : झारखंड में पारा शिक्षकों की विशेष भर्ती प्रक्रिया को लेकर नया विवाद सामने आया है। टेट सफल सहायक अध्यापक संघ ने आरोप लगाया है कि भर्ती प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया जा रहा है। संघ का दावा है कि न्यायालय ने राज्य स्तरीय मेधा सूची के आधार पर नियुक्ति करने का निर्देश दिया था, लेकिन विभाग ने प्रक्रिया को प्रतियोगी परीक्षा से जोड़ दिया है।
मेधा सूची के बजाय प्रतियोगी परीक्षा पर आपत्ति
संघ के संयोजक सीमांत घोषाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने शैक्षणिक योग्यता, प्रशिक्षण और JTET में प्राप्त अंकों के आधार पर राज्य स्तरीय मेधा सूची तैयार करने का निर्देश दिया था। उनका आरोप है कि इसके बावजूद विभाग द्वारा भर्ती प्रक्रिया को प्रतियोगी परीक्षा से जोड़ा गया है, जिससे न्यायालय की मंशा प्रभावित हो रही है।
OBC वर्ग के लिए सीट नहीं होने का आरोप
संघ ने भर्ती विज्ञापन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इंटरमीडिएट प्रशिक्षित शिक्षक तथा स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक (सामाजिक विज्ञान) के पदों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए कोई सीट निर्धारित नहीं की गई है। संगठन का कहना है कि यह आरक्षण व्यवस्था की भावना के विपरीत है और इससे संबंधित अभ्यर्थियों में असंतोष बढ़ रहा है।
20 हजार से अधिक पद रिक्त होने का दावा
संघ के अनुसार राज्य के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में 20 हजार से अधिक शिक्षक पद अभी भी खाली हैं। संगठन का दावा है कि विशेष आरक्षण और बैकलॉग पदों को शामिल करने पर 11 हजार से अधिक पदों पर पारा शिक्षकों की नियुक्ति की जा सकती थी, जबकि वर्तमान भर्ती प्रक्रिया के तहत केवल 7,304 पदों को शामिल किया गया है।

नियुक्ति प्रक्रिया में देरी की आशंका
संघ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया था। उनका तर्क है कि यदि केवल मेरिट सूची के आधार पर नियुक्ति की जाती तो प्रक्रिया अपेक्षाकृत जल्दी पूरी हो सकती थी, लेकिन प्रतियोगी परीक्षा आयोजित होने से नियुक्ति में अनावश्यक देरी की संभावना बढ़ गई है।
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सरकार और विभाग से पुनर्विचार की मांग
टेट सफल सहायक अध्यापक संघ ने राज्य सरकार और संबंधित विभाग से भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप पारदर्शी और समयबद्ध नियुक्ति प्रक्रिया अपनाई जाए, ताकि लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे पारा शिक्षकों को जल्द राहत मिल सके।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

