झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पारा शिक्षकों की संविदा सेवा भी पेंशन में जुड़ेगी, 8 हफ्ते में भुगतान का आदेश

Meenu | July 7, 2026 | 12:47 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची :झारखंड हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त पारा शिक्षकों के हित में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा है कि नियमित नियुक्ति से पहले पारा शिक्षक के रूप में दी गई संविदा सेवा को भी पेंशन योग्य सेवा माना जाएगा। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि संबंधित शिक्षकों की सेवा की गणना उनकी प्रारंभिक पारा शिक्षक नियुक्ति की तिथि से करते हुए सभी पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ दिए जाएं। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की एकल पीठ ने 44 सेवानिवृत्त इंटरमीडिएट प्रशिक्षित शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी लाभों का भुगतान आदेश की प्रति प्राप्त होने के आठ सप्ताह के भीतर किया जाए।

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6% वार्षिक ब्याज के साथ मिलेगा भुगतान

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया कि सेवानिवृत्ति की तिथि से वास्तविक भुगतान होने तक संबंधित शिक्षकों को 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी दिया जाए। अदालत ने कहा कि पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान में देरी का नुकसान कर्मचारियों को नहीं उठाना चाहिए।

संविदा सेवा को नजरअंदाज करना भेदभावपूर्ण: हाईकोर्ट

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि याचिकाकर्ता शिक्षकों ने कई वर्षों तक पारा शिक्षक के रूप में लगातार सेवा दी और बाद में चयन प्रक्रिया के माध्यम से उसी शिक्षा विभाग में नियमित इंटरमीडिएट प्रशिक्षित शिक्षक बने। ऐसे में उनकी संविदा अवधि को पेंशन योग्य सेवा से बाहर रखना अनुचित और भेदभावपूर्ण होगा। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में प्रेम सिंह, शीला देवी, स. डी जयप्रकाश मामलों में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि यदि कोई कर्मचारी बाद में नियमित सरकारी सेवा में शामिल हो जाता है, तो उसकी पूर्व की संविदा या अस्थायी सेवा को भी पेंशन की गणना में शामिल किया जाना चाहिए। मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार के साथ तान्या सिंह, कुशल कुमार, अभिषेक अभि और अमित कुमार ने पक्ष रखा।

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