हेमंत सरकार के 5 बड़े फैसले: हेलीकॉप्टर एंबुलेंस, AI स्मार्ट क्लास से लेकर छात्रों को बड़ी राहत

Rupa Kumari | July 22, 2026 | 11:45 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित झारखंड कैबिनेट की बैठक में 49 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं। इन निर्णयों का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाना और दूरदराज क्षेत्रों तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है।

गंभीर मरीजों के लिए शुरू होगी हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा

राज्य सरकार ने हेलीकॉप्टर इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (HEMS) शुरू करने को मंजूरी दी है। इस सेवा के तहत दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले गंभीर मरीजों को कम समय में बड़े अस्पतालों तक पहुंचाया जा सकेगा। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में रेफर करने के लिए भी हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जाएगा। सेवा के संचालन के लिए अलग से मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाएगी।

1000 सरकारी स्कूलों में AI आधारित स्मार्ट क्लासरूम

शिक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए कैबिनेट ने अगले पांच वर्षों में 1000 सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित वर्चुअल स्मार्ट क्लासरूम शुरू करने की मंजूरी दी है। स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड लगाए जाएंगे और डिजिटल माध्यम से पढ़ाई को तकनीक से जोड़ा जाएगा।इस परियोजना के लिए 176.07 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। साथ ही राज्यभर में स्टूडियो स्थापित किए जाएंगे, जहां से शिक्षक वर्चुअल माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। लगभग 2,000 शिक्षकों को AI आधारित शिक्षण का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

दिव्यांग और गंभीर बीमार छात्रों को उपस्थिति में राहत

कैबिनेट ने गंभीर बीमारियों और दिव्यांगता से प्रभावित विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। सिकल सेल रोग, थैलेसीमिया, हीमोफिलिया, टाइप-1 मधुमेह सहित अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षा में शामिल होने हेतु अनिवार्य उपस्थिति की सीमा 75 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत कर दी गई है। इस निर्णय से ऐसे विद्यार्थियों को पढ़ाई और स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग स्थापना होगी आसान

राज्य सरकार ने पंचायत क्षेत्रों के बिल्डिंग बायलॉज में संशोधन को मंजूरी दी है। अब उद्योगों और संस्थानों के निर्माण के लिए सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 9 मीटर के बजाय 4.5 मीटर पर्याप्त होगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से ग्रामीण इलाकों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और नए उद्योग स्थापित करने में आने वाली बाधाएं कम होंगी।

आदर्श विद्यालय योजना को मिला पांच साल का विस्तार

गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने आदर्श विद्यालय योजना की अवधि को पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया है। अब यह योजना 2025-26 से 2029-30 तक लागू रहेगी। सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना के माध्यम से सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाए।

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शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास पर सरकार का फोकस

कैबिनेट के इन फैसलों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, शिक्षा में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने पर विशेष ध्यान दे रही है। हेलीकॉप्टर एंबुलेंस से लेकर AI आधारित शिक्षा तक, ये निर्णय आने वाले वर्षों में झारखंड के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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