Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा : राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की मानसून अवधि में बालू खनन पर रोक के बीच जामताड़ा जिले में कथित अवैध बालू उठाव का मामला सामने आया है। बिंद्रापाथर थाना क्षेत्र के हाथधारा नदी पर बने हाथधारा पुल के पिलर के आसपास से बालू उठाए जाने का आरोप है। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि पिलर के आसपास इसी तरह बालू निकाला जाता रहा तो पुल की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। NGT के निर्देश के तहत झारखंड में 10 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक मानसून अवधि में नदियों से बालू खनन पर रोक की जानकारी सामने आई है।
पिलर के पास से बालू उठाने का आरोप
हाथधारा पुल जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र को नाला विधानसभा क्षेत्र से जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पुल के पिलर के ठीक नीचे और आसपास से कथित तौर पर बालू का उठाव किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पिलर के आसपास नदी की सतह से लगातार बालू हटने की स्थिति में पुल की नींव पर असर पड़ सकता है। हालांकि, पुल की संरचनात्मक स्थिति पर बालू खनन के प्रभाव की आधिकारिक तकनीकी रिपोर्ट फिलहाल सामने नहीं आई है।
अस्पताल पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण रास्ता
स्थानीय लोगों के अनुसार, हाथधारा पुल नाला क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। जामताड़ा सदर अस्पताल पहुंचने वाले मरीज और उनके परिजन भी इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। पुल पर किसी तरह की समस्या होने पर लोगों को वैकल्पिक मार्ग से लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल के पिलर और आसपास के नदी क्षेत्र का तकनीकी निरीक्षण कराने तथा कथित अवैध बालू उठाव पर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने जताई हादसे की आशंका
पुल की सुरक्षा को लेकर आसपास के ग्रामीणों में चिंता है। उनका कहना है कि पिलर के आसपास से बालू का उठाव जारी रहा तो भविष्य में पुल की नींव प्रभावित हो सकती है। ग्रामीणों ने किसी संभावित दुर्घटना से पहले प्रशासन से मौके पर जांच कराने की मांग की है। इससे पहले भी जामताड़ा-धनबाद मार्ग पर बेजरा घाट पुल के पिलर के क्षतिग्रस्त होने के बाद अवैध बालू खनन को लेकर सवाल उठे थे। अगस्त 2026 में पुल के एक पिलर के धंसने और संरचना में दरारें आने के बाद इस पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी। स्थानीय लोगों ने इसके लिए पुल के आसपास कथित अवैध बालू खनन को भी एक संभावित कारण बताया था। हालांकि, प्रशासनिक और तकनीकी जांच में पुल की स्थिति के अन्य पहलुओं की भी जांच की गई थी।
कार्रवाई को लेकर प्रशासन पर सवाल
हाथधारा पुल के मामले में ग्रामीणों का आरोप है कि नदी से बालू उठाने का काम खुले तौर पर जारी है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। फिलहाल हाथधारा पुल के पिलर की वास्तविक स्थिति और कथित बालू खनन से उस पर पड़े प्रभाव को लेकर आधिकारिक तकनीकी रिपोर्ट सामने नहीं आई है। मामले में प्रशासन और खनन विभाग की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






















