Samachar Post रिपोर्टर, हजारीबाग : कांग्रेस जिलाध्यक्ष जेपी पटेल ने हजारीबाग जिले में अंचल अधिकारियों (CO) की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन से जुड़े मामलों में आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रसीद कटवाने और म्यूटेशन कराने के लिए लोगों को कई-कई महीने तक अंचल कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। जेपी पटेल ने हजारीबाग के उपायुक्त से अंचल अधिकारियों के कामकाज का आकलन करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई करने की मांग की है।
बड़कागांव, सदर और कटकमसांडी CO के काम का आकलन की मांग
जेपी पटेल ने कहा कि उन्होंने इस समस्या को लेकर हजारीबाग के उपायुक्त से कई बार बात की है। उन्होंने बड़कागांव, सदर और कटकमसांडी के अंचल अधिकारियों की कार्यशैली का आकलन कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि आम लोगों को जमीन से जुड़े छोटे-छोटे काम के लिए भी लंबे समय तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उनके मुताबिक, रसीद और म्यूटेशन से जुड़े मामलों में लोगों को छह-छह महीने तक परेशान होना पड़ता है। जेपी पटेल ने कहा कि उन्होंने सदर और बड़कागांव अंचल से जुड़े कई मामलों को अपने स्तर से भी संज्ञान में लिया है। उन्होंने उपायुक्त से ऐसे अधिकारियों को चिन्हित करने की अपील की, जो अपने काम में रुचि नहीं लेते या लोगों की समस्याओं के समाधान में लापरवाही बरतते हैं।

काम में लापरवाही पर कार्रवाई की मांग
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि जरूरत पड़ने पर उपायुक्त को संबंधित अधिकारियों के काम का मूल्यांकन करना चाहिए। अगर कोई पदाधिकारी अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन नहीं कर रहा है, तो उसके खिलाफ नियमों के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निचले स्तर पर सरकारी अधिकारियों के कामकाज में लापरवाही का असर सरकार की छवि पर भी पड़ता है। ऐसे अधिकारियों को चिन्हित कर उनकी जवाबदेही तय करने की जरूरत है।
योगेंद्र साहू के बयान पर टिप्पणी से इनकार
योगेंद्र साहू के बयान से जुड़े सवाल पर जेपी पटेल ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह यूपीए और इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं और गठबंधन के नेतृत्वकर्ताओं को लेकर कुछ नहीं कहना चाहते। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि निचले स्तर पर सरकारी कामकाज ठीक नहीं होने पर इसका असर सरकार की छवि पर पड़ता है। उन्होंने अधिकारियों की कार्यशैली में सुधार और आम लोगों की समस्याओं के समय पर समाधान की जरूरत पर जोर दिया।



















