बचपन के संघर्ष को करीब से देखा, एक साल की उम्र में पिता को खो दिया था : राज्यपाल संतोष गंगवार

Rupa Kumari | August 12, 2026 | 05:19 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि बाल तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक चुनौती से निपटने के लिए सरकार, प्रशासन, पुलिस, पंचायत, विद्यालयों, सामाजिक संगठनों और युवाओं को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए। राज्यपाल अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस-2026 के अवसर पर बाल कल्याण संघ द्वारा आयोजित ‘Different Context, Common Aspiration, One Future’ विषयक स्टेकहोल्डर परामर्श कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

एक वर्ष की उम्र में पिता का निधन हो गया था

अपने जीवन के संघर्षों को याद करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों को बहुत करीब से देखा है। उन्होंने बताया कि जब वे लगभग एक वर्ष के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद उनका जीवन कई चुनौतियों और संघर्षों से गुजरा। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन में आपातकाल के दौरान जेल जाने के बाद उनका राजनीतिक जीवन शुरू हुआ और उन्हें आठ बार लोकसभा सांसद के रूप में देश की सेवा करने का अवसर मिला। जीवन के संघर्षों ने उन्हें समाज के कमजोर और वंचित वर्गों की पीड़ा को समझने की दृष्टि दी।

दिल्ली में झारखंड के बच्चों की स्थिति देख हुई थी पीड़ा

राज्यपाल ने कहा कि एक बार दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने देखा कि झारखंड के कई बच्चे घरेलू कामगार के रूप में काम करने को मजबूर थे। यह दृश्य उनके लिए बेहद पीड़ादायक था। उन्होंने कहा कि समय के साथ हालात में सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। विद्यालय से बाहर रह रहे बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और संकटग्रस्त बच्चों के पुनर्वास की व्यवस्था करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बाल तस्करी के खिलाफ सामूहिक प्रयास की जरूरत

राज्यपाल ने कहा कि बाल तस्करी और बाल श्रम जैसी समस्याओं के पीछे गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी और सामाजिक असुरक्षा जैसे कई कारण हैं। इसलिए केवल बच्चों को बचाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके सुरक्षित पुनर्वास और बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।bउन्होंने विशेष रूप से सुदूर ग्रामीण और कमजोर क्षेत्रों में बाल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

यह भी पढ़ें : रांची के पूर्व मेयर प्रत्याशी सुजीत कुजूर छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल, ICU में भर्ती

युवाओं को निभानी होगी बड़ी भूमिका

संतोष गंगवार ने युवाओं को बाल संरक्षण अभियान का महत्वपूर्ण भागीदार बताते हुए कहा कि युवा अपने गांव, स्कूल, कॉलेज और समाज में जागरूकता फैलाने का काम कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से तकनीक और डिजिटल माध्यमों का सकारात्मक उपयोग करते हुए बच्चों के अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत-2047’ का सपना तभी साकार होगा, जब देश का हर बच्चा सुरक्षित, शिक्षित और स्वस्थ होगा। राज्यपाल ने कहा, बच्चे सुरक्षित होंगे तो उनका भविष्य सुरक्षित होगा और जब उनका भविष्य सुरक्षित होगा, तब समाज और राष्ट्र दोनों मजबूत बनेंगे।

Share this news

संबंधित खबरें