Samachar Post रिपोर्टर, रांची : जगन्नाथपुर मंदिर की न्यास समिति को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर झारखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने पूर्व में गठित न्यास समिति को भंग करते हुए मंदिर के प्रबंधन और संचालन के लिए 11 सदस्यीय नई समिति के गठन का निर्देश दिया है।हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद मंदिर के प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी विवाद के समाधान की दिशा में नई पहल मानी जा रही है।
महाधिवक्ता रोहितस्य राय करेंगे समिति की अध्यक्षता
अदालत के निर्देशानुसार गठित नई समिति की अध्यक्षता झारखंड के महाधिवक्ता रोहितस्य राय करेंगे। समिति में झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष जयशंकर पाठक और रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री को भी सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा समिति में हाईकोर्ट के चार अधिवक्ताओं और स्वर्गीय एनी नाथ के तीन वंशजों को भी शामिल किया गया है। इस प्रकार कुल 11 सदस्य मंदिर के प्रबंधन और संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे।

बोर्ड ने अदालत में पेश की संशोधित योजना
सुनवाई के दौरान झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड की ओर से मंदिर के संचालन और प्रबंधन को लेकर संशोधित योजना अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई। बोर्ड की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने पक्ष रखा। हाईकोर्ट ने इस संशोधित योजना को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले की सुनवाई आगे जारी रखने का निर्णय लिया।
यह भी पढ़ें : झारखंड हाईकोर्ट से भाजपा नेता प्रकाश कुमार सिंह को बड़ी राहत, आपराधिक कार्यवाही और चार्जशीट रद्द
7 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 सितंबर की तारीख निर्धारित की है। माना जा रहा है कि नई समिति के गठन के बाद मंदिर के प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन और धार्मिक गतिविधियों के संचालन से जुड़े मुद्दों पर आगे की प्रक्रिया न्यायालय की निगरानी में आगे बढ़ेगी। हाईकोर्ट के इस फैसले से जगन्नाथपुर मंदिर के प्रबंधन को लेकर लंबे समय से जारी विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

