गढ़वा में हाथियों का आतंक: महुआ चुनने गए दो लोगों की कुचलकर मौत

Rupa Kumari | March 31, 2026 | 11:02 AM IST

Samachar Post रिपोर्टर, गढ़वा : गढ़वा जिले में जंगली हाथियों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 24 घंटे में हाथियों के झुंड ने दो लोगों को कुचलकर मार डाला, जिससे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है। पहली घटना रंका थाना क्षेत्र के बाहोकुदर गांव में हुई, जबकि दूसरी दर्दनाक घटना धुरकी थाना क्षेत्र के कदवा (उर्फ लिखनी धौरा) गांव में सामने आई।

महुआ चुनने गए बुजुर्ग की मौत

जानकारी के मुताबिक, 62 वर्षीय दईब कोरवा महुआ चुनने के लिए जंगल गए थे, जहां वे जंगली हाथियों के झुंड के संपर्क में आ गए। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान जंगल में हाथियों के पैरों के निशान के पास उनका शव बरामद हुआ। ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का झुंड पिछले कई दिनों से क्षेत्र में सक्रिय था। हमला इतना भीषण था कि दईब कोरवा की मौके पर ही मौत हो गई।

यह भी पढ़ें: झारखंड में मौसम का बदला मिजाज: 5 अप्रैल तक आंधी, बारिश और वज्रपात का अलर्ट

वन विभाग और पुलिस मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। वनपाल प्रमोद कुमार यादव और धुरकी थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही इलाके में हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

प्रशासन ने दी सहायता राशि

डीएफओ अंशुमान राजहंस ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि मृतक के परिजनों को सरकारी प्रावधान के तहत 4 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इसमें 50 हजार रुपये तत्काल दिए जाएंगे, जबकि शेष राशि कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दी जाएगी।

बढ़ता हाथी-मानव संघर्ष

धुरकी थाना क्षेत्र समेत आसपास के इलाकों में पिछले कुछ वर्षों से जंगली हाथियों की गतिविधियां बढ़ी हैं। झुंड अक्सर गांवों और खेतों की ओर रुख कर रहा है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने के लिए ठोस और स्थायी उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

Share this news

संबंधित खबरें