धनबाद के टुंडी में हाथियों का कहर, दो घर तोड़े, अनाज भी खाया; ग्रामीणों में दहशत

Rupa Kumari | June 9, 2026 | 05:25 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, धनबाद : धनबाद जिले के टुंडी प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक एक बार फिर बढ़ गया है। पिछले लगभग 15 दिनों से टुंडी पहाड़ क्षेत्र में डेरा जमाए करीब 35 हाथियों का झुंड अब धीरे-धीरे रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहा है। बीती रात हाथियों ने पर्वतपुर और बसहा गांव में जमकर उत्पात मचाया, जिसमें दो घर क्षतिग्रस्त हो गए और भारी मात्रा में अनाज भी नष्ट कर दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार देर रात भोजन की तलाश में हाथियों का झुंड पहाड़ से उतरकर गांव में पहुंच गया। अचानक हाथियों की चिंघाड़ और पेड़ों के टूटने की आवाज से लोगों की नींद खुल गई। जब ग्रामीण बाहर निकले तो सामने हाथियों का विशाल झुंड देखकर अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने परिवार के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे और पूरी रात दहशत में जागते रहे।

दो घरों को किया क्षतिग्रस्त, अनाज भी चट कर गए

हाथियों ने पर्वतपुर गांव के महालाल किस्कू और सुनील हेंब्रम के मिट्टी के घरों को निशाना बनाया। हाथियों ने घरों की दीवारें तोड़ दीं, जिससे घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, झुंड में शामिल छोटे हाथी घरों के अंदर घुस गए और वहां रखा धान, गेहूं और अन्य खाद्यान्न चट कर गए। इस घटना से दोनों परिवारों को भारी नुकसान हुआ है।

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वन विभाग ने किया हस्तक्षेप

सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथियों को गांव से बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। वनकर्मियों ने ढोल-नगाड़े, पटाखे और मशाल की मदद से हाथियों को खदेड़कर नवतार पहाड़ की ओर भेजा। अधिकारियों ने बताया कि हाथियों का यह झुंड लगभग 35 की संख्या में है और पिछले 15 दिनों से टुंडी पहाड़ क्षेत्र में लगातार घूम रहा है।लगातार हाथियों की आवाजाही से आसपास के गांवों में भय का माहौल है। लोग शाम होते ही घरों में सिमट जा रहे हैं और कई जगह ग्रामीण रातभर पहरा दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की गतिविधियां बढ़ने से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में लगातार डर बना हुआ है।

स्थायी समाधान और मुआवजे की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से हाथियों की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। साथ ही प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की भी मांग की गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और बड़ी घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने हाथियों के आवागमन वाले क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय मजबूत करने की अपील की है।

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