Samachar Post रिपोर्टर, बोकारो : झारखंड आंदोलनकारियों की मांगों को लेकर बुधवार को बोकारो में चक्का जाम कर प्रदर्शन किया गया। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आंदोलनकारियों ने चास के आईटीआई मोड़ पर धरना दिया और सड़क पर वाहनों की आवाजाही रोक दी। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से आंदोलनकारियों के मान-सम्मान और अधिकारों से जुड़ी मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की अपील की।
स्थानीय नीति लागू करने और नाम सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने झारखंड में स्थानीय नीति लागू करने और अलग राज्य के आंदोलन में योगदान देने वाले आंदोलनकारियों के नाम सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने की मांग उठाई। आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड अलग राज्य बनाने के आंदोलन में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऐसे में उन्हें सरकारी स्तर पर उचित पहचान, सम्मान और अधिकार मिलना चाहिए।

26 साल बाद भी मांगें लंबित होने का आरोप
मोर्चा के नेताओं का कहना है कि 15 नवंबर 2000 को झारखंड राज्य के गठन के बाद 26 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आंदोलनकारियों की कई मांगें अभी भी लंबित हैं। संगठन पहले भी सम्मान पेंशन, पहचान, आश्रितों के लिए रोजगार और अन्य सुविधाओं की मांग उठाता रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांगों पर ठोस निर्णय लेने की अपील की और कहा कि लंबे समय से लंबित मुद्दों का समाधान किया जाना चाहिए।
आईटीआई मोड़ पर कुछ समय प्रभावित रहा यातायात
चक्का जाम के कारण आईटीआई मोड़ और आसपास के मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। सड़क पर वाहनों की आवाजाही रुकने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आंदोलनकारियों से बातचीत की। बाद में जाम हटाया गया और यातायात सामान्य कराया गया। मोर्चा ने कहा कि मांगों पर जल्द पहल नहीं हुई तो आंदोलन आगे भी जारी रखा जाएगा।





















