Samachar Post रिपोर्टर, बोकारो : बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) के मुख्य द्वार के 200 मीटर के दायरे में प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी है। विस्थापित अप्रेंटिस संघ और अन्य संगठनों की ओर से संयंत्र के विभिन्न द्वारों को बंद कर धरना-प्रदर्शन किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है। प्रदर्शन के कारण कर्मचारियों, अधिकारियों, संविदा श्रमिकों और आवश्यक सेवाओं के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही थी। इससे संयंत्र की औद्योगिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। चास के अनुमंडल दंडाधिकारी प्रांजल ढांडा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह आदेश जारी किया है। आदेश 18 अक्टूबर 2026 को सुबह 5 बजे से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
पांच या अधिक लोगों के जुटने पर प्रतिबंध
प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, BSL के मुख्य द्वार के 200 मीटर के दायरे में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ एकत्रित होने, भ्रमण करने और भीड़ लगाने पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा आग्नेयास्त्र, लाठी-डंडे, भाला, गड़ासा, तलवार, तीर-धनुष और कुदाल जैसे उपकरणों को लेकर चलने या उनका प्रदर्शन करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। प्रतिबंधित क्षेत्र में जुलूस, रैली, सभा, धरना और प्रदर्शन आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी। ऐसी गतिविधियों पर भी रोक रहेगी, जिनसे संयंत्र के औद्योगिक कार्यों या आम लोगों के आवागमन में बाधा उत्पन्न होने की आशंका हो।
दंडाधिकारियों और पुलिस को सख्ती बरतने का निर्देश
प्रशासन ने प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को निषेधाज्ञा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। BSL के मुख्य द्वार पर आवागमन सामान्य बनाए रखने के लिए आवश्यक विधिसम्मत कार्रवाई करने को भी कहा गया है। आदेश के तहत प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और पुलिस बलों को छोड़कर प्रतिबंधित क्षेत्र में अवांछित प्रवेश और भ्रमण पर रोक लगाई गई है।
टू टैंक के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि टू टैंक के समीप शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से विरोध-प्रदर्शन करने पर उसे कोई आपत्ति नहीं है। प्रशासन ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखना नागरिकों का अधिकार है और इसका सम्मान किया जाता है। इसलिए प्रदर्शनकारी संगठनों से अपील की गई है कि वे अपनी मांगों को लेकर टू टैंक के पास शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन जारी रखें और संयंत्र के द्वारों को अवरुद्ध न करें।
संयंत्र के द्वार जाम नहीं करने की अपील
प्रशासन के अनुसार, BSL के सभी द्वारों को जाम करने से कर्मचारियों, अधिकारियों, संविदा श्रमिकों और आवश्यक सेवाओं के आवागमन पर असर पड़ा है। इससे औद्योगिक गतिविधियों के साथ विधि-व्यवस्था बनाए रखने में भी चुनौती उत्पन्न हुई। अनुमंडल दंडाधिकारी, चास ने सभी संबंधित संगठनों और पक्षों से संयम बरतने तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करते हुए संयंत्र में सामान्य कामकाज और सार्वजनिक आवागमन बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है।





















