JSSC-CGL विवाद पर सदन में उठी मांग, माले विधायक बोले- कोर्ट का सहारा लेकर निकाले सरकार समाधान

Rupa Kumari | August 10, 2026 | 01:21 PM IST
  • अरूप चटर्जी ने कहा- छात्रों की अधिकांश मांगें मानी गईं, लेकिन CGL परीक्षा रद्द करने की मांग पर अब भी गतिरोध

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन का मुद्दा एक बार फिर सदन में गूंजा। भाकपा (माले) विधायक अरूप चटर्जी ने सरकार से JSSC-CGL परीक्षा विवाद का समाधान निकालने की मांग करते हुए कहा कि इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया का सहारा लेकर कोई रास्ता तलाशा जाना चाहिए। सदन की कार्यवाही के दौरान सूचना के माध्यम से अपनी बात रखते हुए अरूप चटर्जी ने कहा कि आंदोलनरत छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगों पर सरकार सकारात्मक रुख अपना चुकी है। इसके बावजूद छात्र JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं, जिसके कारण गतिरोध बना हुआ है। माले विधायक ने कहा कि छात्रों का आंदोलन मूल रूप से शांतिपूर्ण रहा है, लेकिन इसमें कुछ असामाजिक और उपद्रवी तत्वों के शामिल होने की आशंका भी सामने आ रही है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से ऐसे तत्वों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।

छात्रों की मांगों के समाधान पर दिया जोर

अरूप चटर्जी ने कहा कि सरकार को छात्रों की भावनाओं और भविष्य दोनों को ध्यान में रखते हुए JSSC-CGL विवाद का व्यावहारिक समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि आवश्यक हो तो सरकार न्यायालय का सहारा लेकर इस मामले में आगे की राह तय करे, ताकि छात्रों की लंबे समय से चली आ रही मांगों का समाधान हो सके।

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आंदोलन समाप्त कराने की दिशा में पहल की जरूरत

माले विधायक ने कहा कि संवाद और कानूनी विकल्पों के जरिए समाधान निकालना जरूरी है। इससे न केवल छात्रों की चिंताओं का निराकरण होगा, बल्कि लंबे समय से चल रहा आंदोलन भी समाप्त हो सकेगा और सामान्य स्थिति बहाल होगी। गौरतलब है कि JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन इन दिनों राज्य की राजनीति और विधानसभा दोनों में प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।

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