Samachar Post डेस्क,बिहार : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। अररिया उद्योग विभाग के जिला महाप्रबंधक (GM) अनिल कुमार मंडल को 50 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उन्होंने एक मशीन सप्लायर से कुल 85 हजार रुपये कमीशन की मांग की थी। शनिवार सुबह निगरानी टीम ने अररिया के शिवपुरी स्थित जीएम के किराये के आवास पर कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी को पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए पटना ले जाया गया।
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मशीन सप्लाई के बदले मांगा था 85 हजार का कमीशन
जानकारी के अनुसार, उद्योग विभाग के माध्यम से उद्योग लगाने वाले लोगों को मशीनों की सप्लाई करने वाले सप्लायर कमर आलम से कथित तौर पर रिश्वत की मांग की गई थी। आरोप है कि अनिल कुमार मंडल ने प्रति मशीन 5 प्रतिशत कमीशन के हिसाब से कुल 85 हजार रुपये देने का दबाव बनाया था। सप्लायर ने हाल ही में उद्योग विभाग के माध्यम से करीब 17 लाख रुपये की मशीनों की सप्लाई की थी। इसी सप्लाई के एवज में कथित कमीशन की मांग किए जाने का आरोप है।
रिश्वत नहीं देने पर काम रोकने का आरोप
सप्लायर के अनुसार, रिश्वत की रकम नहीं देने पर उसके काम को लटकाने और परेशान करने का दबाव बनाया जा रहा था। इसके बाद उसने मामले की शिकायत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना से की। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद निगरानी थाना में कांड संख्या 95/26 दर्ज किया गया। इसके बाद आरोपी अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ने के लिए विशेष धावा दल का गठन किया गया।

50 हजार रुपये में तय हुई रिश्वत की रकम
शिकायत के बाद सप्लायर और आरोपी जीएम के बीच कथित तौर पर 50 हजार रुपये में रिश्वत की रकम तय हुई। इसके बाद निगरानी ब्यूरो के डीएसपी सतीश चंद्र माधव के नेतृत्व में टीम ने शनिवार को शिवपुरी स्थित जीएम के किराये के आवास पर कार्रवाई की। जैसे ही सप्लायर ने अनिल कुमार मंडल को 50 हजार रुपये दिए, पहले से तैयार निगरानी टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और आरोपी अधिकारी को पूछताछ के लिए पटना ले गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी महाप्रबंधक से पटना में पूछताछ की जा रही है। पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें निगरानी अदालत में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद उद्योग विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी हड़कंप की स्थिति है।
रिश्वत मांगे तो निगरानी को दें सूचना- डीएसपी
निगरानी ब्यूरो के डीएसपी सतीश चंद्र माधव ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद आरोपों का सत्यापन कराया गया था। शिकायत सही पाए जाने के बाद मामला दर्ज कर धावा दल का गठन किया गया। उन्होंने बताया कि टीम ने आरोपी अधिकारी को 50 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए गिरफ्तार किया है। डीएसपी ने लोगों से भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आने की अपील करते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत या किसी तरह की नाजायज मांग करता है, तो इसकी सूचना निगरानी विभाग को दी जा सकती है, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

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