Samachar Post रिपोर्टर, बोकारो : चास नगर निगम क्षेत्र के विस्थापित वार्डों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की पहल की जा रही है। इन इलाकों में सड़क निर्माण, जर्जर सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट लगाने और अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जाएगा। इस संबंध में बुधवार को चास नगर निगम कार्यालय में बैठक हुई। मेयर भोलू पासवान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड से विस्थापित क्षेत्रों में विकास कार्य कराने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। बैठक में संबंधित वार्डों की समस्याओं और स्थानीय लोगों की जरूरतों के आधार पर विकास योजनाएं तैयार करने पर जोर दिया गया। उद्देश्य विस्थापित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना और नागरिक व्यवस्था को मजबूत करना है।
स्थानीय जरूरतों के अनुसार तैयार होंगी विकास योजनाएं
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मेयर भोलू पासवान ने कहा कि विस्थापित क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। इन इलाकों की समस्याओं और स्थानीय लोगों की जरूरतों का आकलन कर योजनाएं तैयार की जाएंगी, ताकि जरूरी सुविधाओं में सुधार किया जा सके। उन्होंने विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया।
सड़क निर्माण और स्ट्रीट लाइट पर रहेगा फोकस
बैठक में विस्थापित वार्डों की सड़कों की स्थिति और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। नई सड़कों का निर्माण, जर्जर सड़कों की मरम्मत और स्ट्रीट लाइट लगाने जैसे कार्यों को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इन विकास कार्यों के लिए BSL के CSR फंड का उपयोग करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। साथ ही, स्थानीय जरूरतों का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं तैयार करने पर सहमति बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में डिप्टी मेयर पूजा कुमारी, अपर नगर आयुक्त संजय कुमार, BSL के प्रवीण कुमार और संजीव कुमार सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा पार्षद मंजू कुमारी महतो, मो. आजाद, शहनाज फिरदोस, उत्तम गोप, कल्याणी प्रसाद सिंह, राहुल कुमार, सुमन राय और खतिबून निशा भी बैठक में शामिल हुईं। नगर प्रबंधक राम श्रीवास्तव, अमन समेत नगर निगम के अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।






















