Samachar Post रिपोर्टर, पूर्वी सिंहभूम : पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा प्रखंड के पाथरा गांव में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने आसमान से पैराशूट के सहारे एक अजीबोगरीब मशीन को जमीन पर उतरते देखा। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। लोग यह जानने को उत्सुक थे कि यह उपकरण क्या है और इसे आसमान से यहां किसने भेजा। मशीन के जमीन पर उतरने की सूचना मिलते ही बरसोल पुलिस मौके पर पहुंची। एहतियात के तौर पर पुलिस ने उपकरण को कब्जे में लेकर थाने पहुंचाया। शुरुआती जांच में किसी आपराधिक या संदिग्ध गतिविधि से इसके जुड़े होने के संकेत नहीं मिले।
संपर्क नंबर से खुला मशीन का राज
जांच के दौरान मशीन पर दर्ज एक संपर्क नंबर पुलिस के लिए अहम सुराग बना। पुलिस ने उस नंबर पर संपर्क किया तो पता चला कि यह उपकरण पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर स्थित विद्यासागर विश्वविद्यालय से संबंधित है।विश्वविद्यालय की ओर से पुलिस को बताया गया कि मशीन को वैज्ञानिक अनुसंधान के उद्देश्य से हवा में छोड़ा गया था। इसे सुरक्षित तरीके से जमीन पर उतारने के लिए पैराशूट का इस्तेमाल किया गया था।
दो-तीन दिन में वैज्ञानिकों की टीम पहुंचेगी
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने पुलिस से उपकरण को सुरक्षित रखने और आम लोगों से दूर रखने का अनुरोध किया है। बताया गया है कि वैज्ञानिकों की टीम अगले दो-तीन दिनों में बरसोल पहुंचेगी और मशीन को अपने साथ ले जाएगी। तब तक पुलिस ने उपकरण को सुरक्षित अपने कब्जे में रखा है।

वैज्ञानिक उपकरण होने की जानकारी से ग्रामीणों ने ली राहत
मशीन के वैज्ञानिक शोध से जुड़े होने की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। हालांकि, अब उनकी जिज्ञासा इस बात को लेकर बढ़ गई है कि आखिर किस वैज्ञानिक प्रयोग के लिए उपकरण को आसमान में छोड़ा गया था। यह मशीन कहां से उड़ाई गई थी और हवा में कितनी दूरी तय करने के बाद पाथरा गांव में उतरी, इसकी पूरी जानकारी वैज्ञानिकों की टीम के पहुंचने के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।
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विद्यासागर विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक शोध की सुविधा
विद्यासागर विश्वविद्यालय का University Science Instrumentation Centre (USIC) विभिन्न क्षेत्रों में शोध के लिए वैज्ञानिक और विश्लेषणात्मक उपकरण उपलब्ध कराने वाला केंद्रीय वैज्ञानिक सुविधा केंद्र है। माना जा रहा है कि वैज्ञानिकों के आने के बाद पैराशूट से उतारे गए इस उपकरण के प्रयोग और उसके उद्देश्य की विस्तृत जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल, ग्रामीणों के लिए कौतूहल का केंद्र बनी यह रहस्यमयी मशीन पुलिस की निगरानी में सुरक्षित रखी गई है।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

