Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच चयनित अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखने के लिए हैशटैग अभियान शुरू किया है। एक सितंबर को शुरू हुए इस अभियान का हैशटैग #JSSC_CGL_चयनितों_के_साथ_न्याय_करो है।चयनित अभ्यर्थी इस अभियान के जरिए सरकार और संबंधित एजेंसियों से मांग कर रहे हैं कि भर्ती में यदि कहीं गड़बड़ी हुई है तो दोषियों पर कार्रवाई हो, लेकिन मेहनत और योग्यता के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों के साथ अन्याय न किया जाए।
रिफॉर्म मंच के अभियान के बाद शुरू किया अभियान
बताया जा रहा है कि JPSC रिफॉर्म मंच ने दो दिन पहले CBI जांच की मांग को लेकर एक्स पर हैशटैग अभियान चलाया था। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों ने अपना अभियान शुरू किया। अभियान में शामिल लोग अलग-अलग पोस्ट के जरिए अपनी चिंताएं और मांगें सामने रख रहे हैं। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा में अनियमितता के दोषियों को सजा मिलनी चाहिए, लेकिन इसका खामियाजा उन उम्मीदवारों को नहीं भुगतना चाहिए जिन्होंने अपनी मेहनत से परीक्षा पास की है।
‘दोषियों को सजा, निर्दोषों को न्याय’ की मांग
हैशटैग के तहत सोशल मीडिया यूजर्स लिख रहे हैं कि भर्ती प्रक्रिया में यदि भ्रष्टाचार हुआ है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। वहीं, चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि जांच के नाम पर सभी नियुक्तियों को प्रभावित करना उचित नहीं होगा। एक यूजर ने लिखा कि सरकारी नौकरी हासिल करने में उम्मीदवारों को वर्षों तक मेहनत, संघर्ष और त्याग करना पड़ता है। इसलिए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ मेहनत से सफल हुए अभ्यर्थियों के अधिकारों की भी रक्षा होनी चाहिए।

AI तस्वीरों के जरिए भी रख रहे अपनी बात
हैशटैग अभियान में कुछ चयनित अभ्यर्थी AI से तैयार तस्वीरों का इस्तेमाल कर अपनी बात सोशल मीडिया पर रख रहे हैं। इन पोस्टों के जरिए वर्षों की तैयारी, नौकरी छोड़कर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने और परिवार की उम्मीदों जैसे मुद्दों को सामने लाया जा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि कार्रवाई उन लोगों पर होनी चाहिए जो वास्तव में अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार हैं।
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सरकार के सामने दोहरी चुनौती
JPSC और JSSC से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर मौजूदा विवाद सरकार के सामने जटिल स्थिति पैदा कर रहा है। एक तरफ भर्ती में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग हो रही है, वहीं दूसरी ओर चयनित अभ्यर्थी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। चयनित अभ्यर्थियों की मांग है कि जांच और सुधार की प्रक्रिया के दौरान दोषी और निर्दोष उम्मीदवारों के बीच स्पष्ट अंतर किया जाए। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है, लेकिन उसका असर उन अभ्यर्थियों पर नहीं पड़ना चाहिए जिन्होंने पारदर्शी तरीके से सफलता हासिल की है।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

