Samachar Post रिपोर्टर,हजारीबाग : शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्टोर प्रभारी सह भंडारपाल पवन कुमार बैठा पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर स्वास्थ्य निदेशालय ने कार्रवाई की है। निदेशालय ने स्वतंत्र जांच पूरी होने तक उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, विष्णुगढ़ में प्रतिनियुक्त करने का आदेश जारी किया है। विभाग का कहना है कि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो, इसलिए पवन कुमार बैठा को मेडिकल कॉलेज अस्पताल की जिम्मेदारियों से अलग रखा गया है। हालांकि, उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
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स्वतंत्र जांच की मांग के बाद लिया गया फैसला
जानकारी के अनुसार, हजारीबाग जिला इंटक मजदूर यूनियन के जिला अध्यक्ष कजरू साल ने अस्पताल के भंडारपाल पवन कुमार बैठा के खिलाफ आरोप लगाते हुए मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू की। निदेशक प्रमुख के कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच की जानी है। स्वास्थ्य निदेशालय ने जांच के दौरान पवन कुमार बैठा को मेडिकल कॉलेज अस्पताल से अलग रखने का निर्णय लिया है। इसके तहत उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विष्णुगढ़ में प्रतिनियुक्त किया गया है। इस कदम का उद्देश्य जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष तरीके से पूरा करना बताया गया है।

23 अगस्त तक अस्पताल से विरमित करने का निर्देश
जारी आदेश के मुताबिक, शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक को पवन कुमार बैठा को 23 अगस्त तक अस्पताल से विरमित करने का निर्देश दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि 24 अगस्त को उन्हें स्वतः विरमित माना जाएगा। आदेश की प्रतिलिपि हजारीबाग के सिविल सर्जन और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विष्णुगढ़ के प्रभारी को भी भेजी गई है।
जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
स्वास्थ्य निदेशालय की कार्रवाई के बाद अब मामले की स्वतंत्र जांच रिपोर्ट का इंतजार है। फिलहाल पवन कुमार बैठा पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप सिर्फ शिकायत और आरोप के स्तर पर हैं और उनकी पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और विभाग की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

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