करोड़ों की योजनाएं, लेकिन गड्ढों में सिमटा विकास: हजारीबाग की सड़कों पर उठ रहे सवाल

Rupa Kumari | August 20, 2026 | 12:16 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, हजारीबाग : शहर को स्मार्ट और आधुनिक बनाने के दावों के बीच हजारीबाग की कई प्रमुख सड़कें बदहाली की कहानी बयां कर रही हैं। एक ओर करोड़ों रुपये की सड़क और फोरलेन परियोजनाओं की घोषणाएं हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर शहर के अंदर की सड़कें गड्ढों, जलजमाव और खराब रखरखाव की समस्या से जूझ रही हैं। इससे आम लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रमुख सड़कों की हालत चिंताजनक

शहर के कई इलाकों में सड़कें खस्ताहाल हो चुकी हैं। नवाबगंज रोड पर बड़े-बड़े गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। सिरका रोड पर सड़क की खराब स्थिति के साथ जलनिकासी की समस्या भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। ग्वाल टोली चौक, मालीटोला रोड और अन्य आंतरिक मार्गों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। वहीं लेपो रोड की मरम्मत के कुछ ही समय बाद सड़क का उखड़ना निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है।

मेडिकल कॉलेज जाने वाली सड़क भी बदहाल

इंद्रपुरी चौक से मेडिकल कॉलेज जाने वाला मार्ग स्थानीय लोगों की चिंता का बड़ा कारण बना हुआ है। इसी सड़क से मरीज, एंबुलेंस और परिजन अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन गड्ढों और जलजमाव के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है। बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मार्गों की स्थिति बेहतर होना प्राथमिकता होनी चाहिए।

सोशल मीडिया पर दिख रही लोगों की नाराजगी

सड़कों की खराब स्थिति को लेकर लोगों का आक्रोश अब सोशल मीडिया पर भी नजर आने लगा है। स्थानीय नागरिक फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर गड्ढों, जलजमाव और खराब सड़कों के वीडियो साझा कर प्रशासन और संबंधित विभागों से जवाब मांग रहे हैं। कई पोस्ट और वीडियो पर बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को शहर की प्रमुख समस्याओं में बताया है।

दूसरी ओर 114 करोड़ रुपये की फोरलेन योजना

इस बीच शहर में आधारभूत ढांचे के विस्तार की दिशा में भी बड़े प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं। भारत माता चौक से नगवां तक लगभग 9.284 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क परियोजना पर काम की तैयारी चल रही है। इस योजना की अनुमानित लागत करीब 114.8 करोड़ रुपये बताई जा रही है।परियोजना में सड़क चौड़ीकरण के साथ जंक्शन सौंदर्यीकरण, सोलर स्ट्रीट लाइट, पुल और कल्वर्ट जैसी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है।राष्ट्रीय राजमार्ग-33 के हजारीबाग क्षेत्र में भी कई विकास योजनाओं पर काम आगे बढ़ रहा है। इचाक क्षेत्र में फ्लाईओवर, सर्विस रोड और बाईपास से जुड़ी स्लिप रोड जैसी परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनसे भविष्य में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की उम्मीद है।

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बड़ा सवाल: नई सड़कें बनेंगी, पुरानी कौन संभालेगा?

शहर में नई और बड़ी परियोजनाओं की योजनाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल मौजूदा सड़कों के रखरखाव को लेकर उठ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास केवल नई सड़कें बनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पहले से मौजूद सड़कों को सुरक्षित और उपयोगी बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। हजारीबाग की सड़कों की मौजूदा स्थिति यह संकेत दे रही है कि विकास के बड़े दावों के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं की नियमित निगरानी और रखरखाव पर भी समान रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है।

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