केंद्र से मिली मंजूरी, 3,590 करोड़ रुपये में बनेगा मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी NH-22 फोरलेन

Rupa Kumari | August 20, 2026 | 03:59 PM IST

Samachar Post डेस्क, पटना : उत्तर बिहार की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड (NH-22) को फोरलेन में अपग्रेड करने की परियोजना को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने 82.578 किलोमीटर लंबे इस हाईवे के निर्माण को हरी झंडी दी है। करीब 3,590.73 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत विकसित की जाएगी। इसके निर्माण की अवधि लगभग 30 महीने निर्धारित की गई है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया आभार

परियोजना को मंजूरी मिलने पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना उत्तर बिहार में कनेक्टिविटी, व्यापार और परिवहन व्यवस्था को नई गति देगी तथा राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी फोरलेन परियोजना आधुनिक सड़क अवसंरचना के मानकों के अनुरूप विकसित की जाएगी। इसके तहत कई बड़े पुल, फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित है।

परियोजना की मुख्य बातें

  • कुल लंबाई : 82.578 किलोमीटर
  • कुल लागत : 3,590.73 करोड़ रुपये
  • निर्माण मॉडल : हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM)
  • निर्माण अवधि : 30 महीने
  • 7 मेजर ब्रिज का निर्माण
  • बागमती नदी पर 340 मीटर लंबा प्रमुख पुल
  • 3 रेलवे ओवरब्रिज (ROB)
  • 2 फ्लाईओवर (लगभग 1,170 मीटर और 270 मीटर लंबाई)
  • 6 व्हीक्युलर अंडरपास
  • डिजाइन गति : 100 किमी प्रति घंटा
  • औसत परिचालन गति : 80 किमी प्रति घंटा

इन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा फायदा

यह हाईवे भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनबरसा को मुजफ्फरपुर से जोड़ेगा, जहां से NH-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) का संपर्क मिलता है। परियोजना के पूरा होने के बाद मुजफ्फरपुर, मकसूदपुर, रुन्नी सईदपुर, थुम्मा, डुमरा, भुटाही और सोनबरसा जैसे क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे यात्रा समय घटेगा, माल ढुलाई आसान होगी और वाहन संचालन की लागत में भी कमी आएगी।

व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

नई फोरलेन सड़क से उत्तर बिहार के व्यापारिक और धार्मिक महत्व वाले क्षेत्रों को भी फायदा होगा। इससे बाबा गरीबनाथ मंदिर (मुजफ्फरपुर) और पुनौरा धाम (माता जानकी मंदिर, सीतामढ़ी) जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इसके अलावा परियोजना का जुड़ाव पीएम गति शक्ति के विभिन्न आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक नेटवर्क से होने के कारण क्षेत्रीय व्यापार, परिवहन और निवेश गतिविधियों को भी नई गति मिलने की संभावना है।

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उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी में आएगा बड़ा बदलाव

मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा फोरलेन परियोजना को उत्तर बिहार की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में माना जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद न केवल सड़क यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम होगी, बल्कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के साथ आर्थिक और वाणिज्यिक संपर्क भी मजबूत होगा।

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